स्वच्छ भारत अभियान के दस साल पूरे होने के बाद भी जिले के करीब 20 हजार परिवार शौचालय की सुविधा से वंचित हैं। उन्हें खुले में शौच के लिए जाने को विवश होना पड़ रहा है।
करीब 20 फीसदी परिवार ऐसे हैं, जो शौचालय होने के बाद भी उसका उपयोग नहीं कर रहे। उनके शौचालय में ताला लटक रहा है या फिर उपला, कबाड़ या किसी अन्य कार्य में उपयोग हो रहा है।
पीएम मोदी ने वर्ष 2014 में स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की थी। इसके तहत गांवों को खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए हर घर शौचालय बनाने पर जोर दिया गया। जिले के 629 ग्राम पंचायतों में करीब चार लाख परिवारों के शौचालय बनवाए गए हैं।
इसके अलावा हर गांव में एक-एक सामुदायिक शौचालय का भी निर्माण किया गया है, ताकि किन्हीं कारणों से जिन परिवारों को व्यक्तिगत शौचालय उपलब्ध न हो पाया हो, वह सामुदायिक शौचालय का इस्तेमाल कर सकें। इसके संचालन का जिम्मा भी गांव के ही स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सौंपा गया है।
इसके एवज में उन्हें छह हजार रुपये मानदेय भी प्रदान किया जा रहा है। शौचालय की उपयोगिता और स्वच्छता के लिए लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाने के बाद भी बहुत से परिवार शौचालय का इस्तेमाल नहीं कर रहे। उनके व्यक्तिगत शौचालय में कूड़ा रखा जा रहा है या ताला लटकता रहता है।
कइयों के शौचालय निर्माण के बाद मरम्मत न होने से बंद पड़े हैं। दरवाजे और छत भी गायब हो चुके हैं। ऐसे में इनका उपयोग नहीं हो पा रहा। कई गांवों में सामुदायिक शौचालय भी देखरेख के अभाव में अक्सर बंद रहते हैं।
चार हजार नए शौचालय बनवाने का लक्ष्य
शौचालय से वंचित परिवारों को लाभान्वित करने के लिए जिले में चार हजार नए शौचालय बनाए जाने हैं। इसके लिए परिवारों का चयन किया जा रहा है। हालांकि इसके बाद भी शौचालय से वंचित परिवारों की तादाद अधिक है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक सर्वे के बाद आगे अन्य परिवारों को भी लाभ दिलाया जाएगा।
आज सामुदायिक शौचालयों पर जलेंगे 11 दीप
विश्व शौचालय दिवस के उपलक्ष्य में मंगलवार को जिले में हमारा शौचालय : हमारा सम्मान कार्यक्रम का आयोजन होगा। इसके तहत प्रत्येक सामुदायिक शौचालय पर 11 दीप जलाए जाएंगे। इसके माध्यम से शौचालय के प्रयोग के प्रति लोगों में जागरूक किया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के जिला परियोजना समन्वयक अनिल केशरी ने बताया कि शाम साढ़े पांच बजे यह कार्यक्रम एक साथ सभी गांवों में होगा। इसकी शुरुआत सदर ब्लॉक के बहुअरा गांव में होगी। यहां डीपीआरओ नमिता शरण की देखरेख में 251 दीप जलाए जाएंगे।