म्योरपुर। पूर्व मध्य रेलवे के गढ़वा से सिंगरौली तक रेलवे मार्ग के दोहरीकरण व नए स्टेशन भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। हर स्टेशन पर बन रहे, नए भवन का काम बड़ी तेजी से चल रहा है, लेकिन जोगीडीह रेलवे स्टेशन का काम वन विभाग की अड़ंगेबाजी से रुक गया है। वन विभाग ने वन क्षेत्र से निर्माण सामग्री ले जाने पर रोक लगा दिया है। वनाधिकारियों का कहना है कि इसके लिए पंजीकरण जरूरी है।
पूर्व मध्य रेलवे धनबाद डिवीजन में आने वाले गढ़वा से सिंगरौली तक के रेल मार्ग के दोहरीकरण का कार्य चल रहा है। अधिकतर रेलवे स्टेशनों पर पटरियों की संख्या बढ़ने से स्टेशन के पुराने भवन को तोड़कर नया भवन बनाने का काम चल रहा है। जोगीडीह रेलवे स्टेशन पर भी भवन का निर्माण होना है। स्टेशन के भवन के लिए संबंधितों ने जमीन की मापी कर नींव खोदवा दिया है। इसके बावजूद अब तक काम शुरू नहीं हो सका है। रेलवे के दोहरीकरण कार्य से इलाके के लोगों को काफी आशा है। इससे यहां आवागमन सुचारु हो सकेगा तो लोगों को कई ट्रेनों की सौगात भी मिल जाएगी। लेकिन वन क्षेत्र से रेल मार्ग के जाने और वन विभाग द्वारा बार-बार कार्य रोके जाने से लोगों में नाराजगी है। स्टेशन अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने बताया कि स्टेशन के लिए प्रस्तावित भूमि पर संबंधित ठेकेदार ने नींव खोद दिया है लेकिन लेकिन सामग्री वन क्षेत्र से होकर जाएगी। ऐसे में वन विभाग की वजह से काम रुका हुआ है। उधर पिपरी रेंजर जीएस पाल का कहना है कि वन भूमि के इस्तेमाल की इजाजत डीएफओ से लेनी पड़ेगी। ऐसे में वन कर्मियों ने निर्माण में प्रयुक्त होने वाली सामग्री जंगली रास्ते से ले जाने पर रोक लगाया है।