अक्षय तृतीया पर्व सोमवार को जिले भर में मनाया गया। जेवरों और इलेक्ट्रानिक्स सामान की खरीद के लिए दूकानों पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ी। वाहनों के दूकान भी गुलजार रहे। मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन सोने के जेवरात में क्षय नहीं होता। हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष सोने का दाम बढ़ने से खरीद प्रभावित हुई। अक्षय तृतीया पर सोमवार को राबर्ट्सगंज में जेवरात, वाहन और इलेक्ट्रानिक्स सामानों की दूकानों पर खरीददारों की भीड़ उमड़ी।
दोपहर में कड़ी धूप होने के नाते शाम को ज्यादातर लोग दूकानों पर पहुंचे। महिलाओं में टप्स और बाली की खरीद को लेकर ज्यादा उत्साह रहा। सोने के जेवरात की कई वैराइटी दूकानदारों ने रखी थी। नगर की कई दूकानों पर कई किस्म के सोने के चेन की भी डिमांड ज्यादा रही। वहीं ग्राहकों ने सोने, चांदी के सिक्के भी खरीदे। सराफा व्यापार एसोसिएशन के अध्यक्ष मिठाई लाल सोनी ने बताया कि इस बार पिछले वर्ष की तुलना में करीब 20 फीसदी ही ज्यादा जेवरों की खरीद हुई।
वहीं इलेक्ट्रानिक्स सामानों के विक्रेता विनोद गुप्ता का कहना था कि महंगाई की मार के चलते इस बार इलेक्ट्रानिक्स सामान कम ही बिके। फिर भी अन्य दिनों की तुलना में सोमवार को बिक्री अच्छी हुई।अक्षय तृतीया का धार्मिक महत्व है। पुराणों में उल्लेख है कि इसी दिन से त्रेता युग का आरंभ हुआ। नर नारायण ने भी इसी दिन अवतार लिया था। भगवान पशुराम जी का अवतरण भी इसी तिथि को हुआ।
मान्यता के मुताबिक लोगों ने मां गौरी एवं शिव परिवार की पूजा की और सौभाग्य की कामना की। गंगा घाटों पर स्नान और दान करने वालों की सुबह से ही भीड़ लगी रही। लोगों ने गंगा स्नान के बाद सत्तू, गुड़, जल से भरे घड़े और ककड़ी-तरबूज आदि का दान किया।