जिले के सभी गिरिजाघरों (चर्च) को झालरों से दुल्हन की तरह सजाया गया है। यहां प्रभु यीशु और मरियम की भव्य झांकी सजाई गई है। यीशु के जन्मदिन को लेकर इसाई समुदाय के लोगों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है।
गुरुवार की अर्धरात्रि को यीशु का जन्म होगा। इसको लेकर तैयारियां जोरों पर है। इतना ही नहीं गुरुवार को मेहमानों के लिए तरह-तरह के व्यंजन बनाने में लोग जुटे थे।
राबर्ट्सगंज नगर में स्थित संत फ्रांसिस जेवियर्स चर्च में प्रभु यीशु की भव्य झांकी सजाई गई है। इसी तरह जिले के अन्य गिरिजाघरों को भी आकर्षक ढंग से सजाया गया है।
राबर्ट्सगंज के विकास नगर निवासी जेबालर ने कहा कि इसाई समुदाय के लिए क्रिसमस डे सबसे बड़ा पर्व है। इसको लेकर एक माह पूर्व से लोग तैयारियां करने में जुट जाते हैं।
पर्व को धूमधाम से मनाने के लिए घरों को साफ-सुथरा करने के साथ ही नए वस्त्र क्रय किए गए हैं। स्मृता मार्टिन और सीमा बालर ने कहा कि अर्धरात्रि के बाद प्रभु यीशु का जन्म होगा।
इसके बाद एक-दूसरे को केक खिला कर खुशी मनाई जाएगी। साथ ही प्रार्थना सभा का आयोजन किया जाएगा। हनी मार्टिन और शुभम ने कहा कि क्रिसमस का पर्व सभी के जीवन में खुशी और शांति लेकर आता है। कहा कि प्रभु यीशु के जन्म होने की खुशी मेें दोस्तों को केक, सेवई, छोला, भटूरा समेत अन्य पकवान खिलाएंगे।