गांधी मैदान में चल रहे राज्य स्तरीय रात्रि कालीन क्रिकेट प्रतियोगिता के 15वें दिन तीन क्वार्टर फाइनल और एक सेमीफाइनल मैच खेले गए। सुपर किंग्स को 10 रन से हराकर जयंत की टीम ओबरा कप के फाइनल में पहुंची।
पहला मुकाबला भदोही और रेणुकूट के बीच खेला गया। निर्धारित 8 ओवर के मैच में रेणुकूट की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 55 रन का लक्ष्य रखा। जवाब में भदोही की टीम ने सातवें ओवर में ही यह मुकाबला 5 विकेट से जीत लिया।
भदोही के खिलाड़ी अफरीदी को मैन ऑफ द मैच चुना गया। दूसरे मैच में भदोही का मुकाबला जयंत मप्र की टीम से हुआ। भदोही ने 41 रन का लक्ष्य रखा, जिसे जयंत ने सिर्फ 2 विकेट खोकर 7वें ओवर में पूरा कर लिया।
रोमांचक मैच में जयंत ने यह मुकाबला 8 विकेट से जीत लिया। मैन ऑफ द मैच जयंत के रवि को दिया गया। तीसरा मुकाबला जयंत और अनपरा के बीच हुआ। पहले बल्लेबाजी करते हुए अनपरा ने 41 रनों का लक्ष्य रखा।
जवाब में उतरी जयंत की टीम 7वें ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। जयंत के सबसे सफल बल्लेबाज चंदन रहे। इस मैच में मैन ऑफ द मैच जयंत के चंदन को चुना गया। प्रतियोगिता का पहला सेमीफाइनल मुकाबला जयंत बनाम सुपर किंग्स के बीच हुआ।
जयंत ने 3 विकेट खोकर 55 रन का लक्ष्य रखा। जवाब में उतरी सुपर किंग्स की 45 रन पर सिमट गई। जयंत ने यह मुकाबला जीतकर सुपर किंग्स को इस प्रतियोगिता से बाहर कर दिया और ओबरा कप के फाइनल में प्रवेश किया। इस मैच का मैन ऑफ द मैच आयोजन समिति ने जयंत के चंदन को दिया।