एनसीएल के सीएमडी तापस कुमार नाग ने कहा कि जयंत और दुद्धीचुआ कोयला परियोजनाओं की क्षमता दोगुना होगी। 10-10 मिलियन टन सालाना कोयला उत्पादन करने वाले दोनों प्रोजेक्ट जल्द ही 40 मिलियन टन कोयला का उत्पादन कर सकेंगे। ककरी और बीना कोयला परियोजना को भी एक करने की दिशा में काम तेज कर दिया गया है। एकीकृत होने के बाद इस परियोजना से 10 मिलियन टन कोयला प्राप्त किया जा सकेगा। वह शनिवार की दोपहर सिंगरौली स्थित मुख्यालय पर पत्रकारों से मुखातिब थे।
उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2015-16 में एनसीएल ने 80.22 मिलियन टन कोयले के उत्पादन के साथ ही 78.51 मिलियन टन कोयला का प्रेषण और तथा 339.64 मिलियन क्यूबिक मीटर अधिभार (ओबी) हटाने में कामयाबी मिली है। कंपनी की तीनों उपलब्धियां अभूतपूर्व और विशिष्ट हैं। बताया कि दो दिन पूर्व समाप्त हुए वित्त वर्ष में एनसीएल को अब तक का सर्वाधिक 78.10 मिलियन टन कोयला उत्पादन की जिम्मेदारी दी गई थी, जिसे पूरा करते हुए पिछले साल के मुकाबले 10.68 प्रतिशत अधिक कोयले का उत्पादन किया गया। कंपनी ने 78.51 मिलियन टन कोयले का प्रेषण कर नया रिकार्ड बनाया है जो पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 6.54 प्रतिशत अधिक है।
इसी तरह 260 मिलियन क्यूबिक मीटर अधिभार हटाने के लक्ष्य के सापेक्ष 79.64 मिलियन क्यूबिक अधिक अधिभार हटाया गया है। इस मौके पर कंपनी की निदेशक (कार्मिक) शांतिलता साहू, सीवीओ केपी वेंकटेश्वर राव, निदेशक (तकनीकी/संचालन) गुणाधर पांडेय, निदेशक (वित्त) पीएसआरके शास्त्री, निदेशक (तकनीकी/परियोजना एवं योजना) जेएल सिंह उपस्थित रहे।