इंडियन आयल कारपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) के मुगलसराय डिपो से एनसीएल की परियोजनाओं में होने वाली कामर्शियल डीजल की आपूर्ति में बड़ा खेल सामने आया है। दो दिन पूर्व बीना स्थित कंज्यूमर पंप की औचक चेकिंग के दौरान यह गड़बड़ी सामने आई। इसकी जांच शुरू हो गई है। रविवार को बीना पहुंचे आईओसीएल अफसरों ने कंज्यूमर पंप कर्मियों के समेत कई से पूछताछ की।
मुगलसराय डिपो से टैंकर के जरिये रेलवे के चोपन, ओबरा, जयंत डिपो के साथ एनसीएल की ककरी, बीना, खड़िया, कृष्णशिला और दुधीचुआ को डीजल आपूर्ति दी जाती है। एक वर्ष पूर्व पूर्ति विभाग की टीम ने पटवध में प्रति टैंकर तीन से चार सौ लीटर डीजल चोरी पकड़ी थी, लेकिन बाद में ऊपरी दबाव पड़ने के कारण मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। तीन-चार माह पूर्व सलखन में आपूर्ति से जुड़े दो गुटों में मारपीट हुई तो इस दौरान भी डीजल चोरी का बड़ा खेल सामने आया। प्रकरण में कई के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई। अभी यह सब चल ही रहा था कि आईओसीएल की टीम ने भी मामले की जांच शुरू कर दी।
सूत्रों की मानें तो कई दिन से टोह में लगी टीम ने शुक्रवार को बीना कंज्यूमर पंप पर डीजल अनलोड कर लौटते टैंकर की जांच की तो उसमें कई लीटर डीजल पाया गया। आईओसीएल के इंडस्ट्रियल सेल्स इंचार्ज ओपी सैनी ने बताया कि जो चीजें सामने आई हैं और जो जानकारी मिली है, उसके आधार पर जांच की जा रही है।