सोनभद्र। मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय परिसर में पूर्व में लगे आग की जांच शुरू हो गई है। बृहस्पतिवार को परियोजना निदेशक आरएस मौर्य ने टीम के दो अन्य सदस्यों के साथ मौके पर जांच की। इस दौरान बड़ी गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। जांच में पाया गया है कि वर्ष 2016 में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सेनेटरी पैड भेजे जाने थे, जो गोदाम में पड़े ही एक्सपायरी डेट के हो गए। पीडी ने बताया कि जांच रिपोर्ट जल्द ही डीएम को सौंपी जाएगी।
पिछले दिनों मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय परिसर के गोदाम में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई थी। आग से गोदाम में रखा लाखों रुपये का सेनेटरी पैड़ जल गया था। इस मामले की जांच के लिए डीएम अंकित कुमार अग्रवाल ने परियोजना निदेशक के नेतृत्व में तीन सदस्यी टीम गठित किया था और उन्हें जांच करने का निर्देश दिया था। टीम में अपर सीएमओ डॉ. वीके अग्रवाल, जिला युवा कल्याण अधिकारी एनबी सिंह शामिल हैं। बृहस्पतिवार को जांच के बाद पीडी ने बताया कि प्रथम दृष्टया आग शार्ट सर्किट से लगना पाया गया है। गोदाम में एक्सपायर डेट के 23 हजार सेनेटरी पैड़ रखे हुए थे। यह पैड वर्ष 2016 से गोदाम में रखे हुए हैं। उन्हें सीएचसी और पीएचसी पर भेजा जाना था। आग में ज्यादातर पैड जल गए। इससे करीब चार लाख रुपये से अधिक की क्षति हुई है। जांच की जा रही है कि एक्सपायरी पैड गोदाम में क्यों पड़े थे। कुछ लोहे के रैक भी यहां जले हैं जो सीएचसी पर जाने थे। उन्होंने कहा कि गोदाम में एक्सपायरी डेट का कुछ भी सामान रखना गलत है। बताया कि जांच रिपोर्ट जल्द ही डीएम को दी जाएगी।