सोनभद्र। जिले के सहकारी समितियों से उर्वरक की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए शासन ने प्रत्येक साल सबसे अधिक खाद क्रय करने वाले किसानों की जांच करने का फरमान जारी किया है। कृषि विभाग ने पहले चरण में जिले के 20 किसानों की जांच करने के लिए सूची तैयार करा रहा है। जिला कृषि अधिकारी पियूष राय की अगुवाई में जांच होगी।
जिले में साधन सहकारी समितियों पर किसानों को वितरित करने के लिए आने वाले यूरिया, डीएपी समेत अन्य उर्वरकों की गड़बड़ी करने वालों की खैर नहीं है। अब शासन स्तर से किसानों को दिए जाने वाले उर्वरकों की मॉनिटरिंग शुरू कर दी गई है। पिछले दिनों शासन की ओर से जिला प्रशासन को जिन किसानों ने उर्वरक अधिक मात्रा में क्रय किया है उन्हें उतनी जरूरत थी या नहीं इसकी जांच कराने का निर्देश दिया है। आदेश के क्रम में जिले के तीनों तहसीलों के 20 ऐसे किसान चिह्नित किए जा रहे हैं, जिन्होंने सबसे ज्यादा उर्वरक क्रय किया है। इस संबंध में बृहस्पतिवार को जिला कृषि अधिकारी ने एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह से मुलाकात भी किया। जिला कृषि अधिकारी पियूष राय ने बताया कि राबर्ट्र्सगंज, दुद्घी और घोरावल तहसील के 20 ऐसे किसानों की सूची तैयार कराई जा रही है, जिन लोगों ने अधिक उर्वरक की खरीद किया है। कहा कि चिह्नित किसानों के पास कितनी जमीन है, फसल का उत्पादन कितना है आदि की जांच कर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। जांच में जरूरत से अधिक उर्वरक क्रय करने की पुष्टि हुई तो संबंधित किसान के विरुद्घ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।