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पांच ग्राम पंचायतों में हुए लाखों के भुगतान की जांच शुरू

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प्रशासकों की तैनाती के बाद ग्राम पंचायतों में हुए बड़े भुगतान की जांच शुरू हो गई है। जिले की पांच ग्राम पंचायतें रडार पर हैं। यहां जनवरी से मई के बीच 25 लाख रुपये से अधिक का भुगतान हुआ है। शासन के निर्देश पर इनकी जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। डीडीओ की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय कमेटी को 15 दिनों में जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया था। जांच शुरू होने से संबंधित गांवों के सचिवों में खलबली मची हुई है।
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ग्राम पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने के बाद वहां के कामकाज सुचारु रूप से जारी रखने के लिए प्रशासक तैनात किए गए थे। प्रशासक का जिम्मा एडीओ पंचायत को सौंपा गया था। अपने कार्यकाल के दौरान प्रशासकों ने कई ग्राम पंचायतों में मानक को दरकिनार कर खूब भुगतान किया। म्योरपुर ब्लाक के जरहां में 88 लाख रुपये से अधिक का भुगतान बतौर प्रशासक एडीओ पंचायत नगवां कैलाशनाथ ने किया था। राबर्ट्सगंज ब्लाक के एडीओ पंचायत कृपाशंकर शुक्ल ने चोपन ब्लाक के कोटा ग्राम पंचायत के तौर पर 52 लाख, बिल्ली मारकुंडी में 47 लाख, पनारी गांव में 32 लाख रुपये से अधिक का भुगतान किया था। इसी तरह दुद्धी ब्लाक के एडीओ पंचायत रवि दत्त मिश्र ने कोन ब्लाक के बागेसोती गांव में 40 लाख रुपये से अधिक के भुगतान स्वीकृत किया था। शासन ने 25 लाख से अधिक के भुगतान को संदिग्ध माना है। प्रशासकों को स्पष्ट निर्देश था कि वह सिर्फ साफ-सफाई, सैनिटाइजेशन सहित अन्य सामान्य कार्यों पर ही खर्च करेंगे, जबकि यहां नियमों की अनदेखी की गई। शासन के निर्देश पर इन ग्राम पंचायतों में हुए भुगतान की जांच के लिए सीडीओ डॉ. अमित पाल शर्मा ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। डीडीओ की अध्यक्षता में गठित समिति मेें अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत और सहायक अभियंता डीआरडीए को सदस्य नामित किया गया है। सीडीओ ने बताया कि कमेटी 15 दिनों में जांच कर रिपोर्ट देगी। इसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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