एनसीएल खड़िया क्षेत्र के सभागार में मंगलवार दोपहर हुई द्विपक्षीय बैठक बिना नतीजा समाप्त हो गई। खड़िया गांव में निर्माणाधीन वार्फवाल को लेकर दोनों पक्ष अपने अपने हितों की रक्षा करते रहे। इस वजह से बात नहीं बन पाई।
एनसीएल खड़िया गांव के नाई टोले के समीप रेल रैक लोडिंग प्वॉइंट (वार्फवाल) का निर्माण करा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इसके निर्माण से रहवासी क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर कई गुना बढ़ जाएगा। इसी कारण दोनों पक्षों के बीच मामला उलझा है। रविवार को इस मुद्दे को हल कराने की कोशिश एसडीएम रमेश कुमार ने किया था लेकिन बात नहीं बनी। एसडीएम ने आईआईटी से इस मामले में रिपोर्ट देने की संस्तुति करते हुए यह व्यवस्था दी कि चाहे तो दोनों पक्ष आपसी सहमति बनाकर हल निकाल सकते हैं। इसी क्रम में मंगलवार की बैठक आयोजित हुई। बैठक में मौजूद नागरिक मंच के अध्यक्ष पन्ना लाल, खड़िया प्रधान विजय गुप्ता, राजाराम गुप्ता, जोगेंद्र पटेल व आशीष चौबे ने ग्रामीणों का पक्ष रखा। इसी प्रकार एनसीएल के अधिकारियों ने वार्फवाल पर प्रबंधन की स्थिति साफ की। एनसीएल के तरफ से जीएम राजीव कुमार, कार्मिक अधिकारी एससी राय, सुरक्षा अधिकारी एसपी सिंह आदि मौजूद रहे। इस दौरान कोल प्रोजेक्ट द्वारा सीएसआर मद से कराए जा रहे कार्यों पर भी चर्चा हुई।