सोनभद्र। जिले में बृहस्पतिवार को तेज आंधी के साथ हुई बारिश से बिजली आपूर्ति बेपटरी हो गई। इंसुलेटर पंक्चर होने से 24 घंटे से अधिक समय तक पन्नूगंज, दूबेपुर, कुसुम्हा सहित अन्य फीडर से 300 से अधिक गांवों की बत्ती गुल रही। बिजली सप्लाई बाधित होने से उपभोक्ता बेहाल रहे। वहीं शुक्रवार की सुबह पेयजल संकट बना रर्हा। शुक्रवार की शाम को मरम्मत पूरा होने पर आपूर्ति बहाल हुई।
राबर्ट्सगंज ब्लॉक के छपका स्थित 132 केेवीए के उपकेंद्र से पन्नूगंज गई 33 हजार लाइन में बृहस्पतिवार को तेज आंधी-बारिश के दौरान इंसुलेटर पंक्चर होने से पन्नूगंज, दूबेपुर के साथ कुसुम्हा फीडर की आपूर्ति बाधित हो गई बाधित हो गई थी। तीनों फीडर से जुड़े करीब 300 से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। बिजली विभाग के कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को पेट्रोलिंग की। अंधेरा हो जाने के कारण कहीं फाल्ट नहीं मिला। शुक्रवार को सुबह पुन: बिजली विभाग के कर्मचारियों ने पेट्रोलिंग शुरू की। इस दौरान चुर्क स्थित एक प्राइवेट विद्यालय के पास गड़बड़ी मिली। इसके अलावा दो अन्य स्थानों पर तकनीकी गड़बड़ी आ गई थी। इसका कर्मचारियों ने मरम्मत किया। बिजली विभाग के एसडीओ रामेंद्र पांडेय ने बताया कि 33 हजार लाइन में तकनीकी गड़बड़ी आने के कारण पन्नूगंज, दूबेपुर के साथ कुसुम्हा फीडर की बिजली प्रभावित हो गई थी। इससे सैकड़ों गांवों में 24 घंटे से अधिक समय तक आपूर्ति प्रभावित रही। शुक्रवार को दोपहर बाद तीन बजे आपूर्ति बहाल होने पर उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली।
25 घंटे बाद बहाल हुई बिजली आपूर्ति
रेणुकूट। क्षेत्र के मुर्धवा मोड़ और खाड़पाथर इलाके में बृहस्पतिवार की दोपहर एक बजे से कटी बिजली 25 घंटे बाद शुक्रवार को लगभग दो बजे बहाल हो सकी। 25 घंटे तक कटी बिजली की वजह से आम लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। विद्युत उपभोक्ताओं का कहना है कि बीते एक पखवारे से खाड़पाथर इलाके में विद्युत व्यवस्था चरमरा गई है। उमस भरे इस मौसम में मच्छरों के काटने से लोग रात भर जागने को मजबूर हो गए हैं। बिजली कटी रहने से पानी की आपूर्ति भी नहीं हो पाती है जिससे लोगों को काफी परेशानी होती है। स्थानीय निवासी आशीष शुक्ला, सुमित मिश्रा, अवध, ओमप्रकाश आदि ने बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग की है।
बिजली नहीं, पेयजल आपूर्ति बाधित
दुद्धी। नगर पंचायत दुद्धी व आसपास के क्षेत्रों में पिछले चार दिनों से बिजली आपूर्ति बेपटरी हो गई है। इससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली आपूर्ति न होने से नगर में व आसपास के क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति भी बाधित हो गई है। इससे लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। बिजली के अभाव में इनवर्टर, मोबाइल सब डिस्चार्ज हो गए हैं। लगातार चार दिनों से विद्युत आपूर्ति नहीं होने से लोगों में नाराजगी धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। नगर व आसपास के दर्जनों गांवों में विद्युत आपूर्ति चार दिनों से लगातार ठप पड़ा हुआ है। वही कोरोना वायरस की बीमारी का बहाना लेकर अधिकारी अपने घरों में दुबके हुए हैं। नगर के दिनेश अग्रहरि, जितेंद्र श्रीवास्तव, मोहित अग्रहरी, विकास कुमार, विवेक कुमार आदि ने बताया कि क्षेत्र के खजूरी, बीडर, दिघुल, रजखड़, जाबर, बलदेवा, धनौरा, डूमरडीहा, टेढ़ा, बघाडू, गुलाल झरिया, झारो, शाहपुर, केवाल सहित दर्जनों गांव में चार दिन से विद्युत आपूर्ति ठप पड़ा हुआ है। चेतावनी दिया कि यदि नगर एवं आसपास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो लोग सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होंगे। इसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी। उधर, पावर कारपोरेशन के सहायक अभियंता चंद्रशेखर ने बताया कि पूरे क्षेत्र में लगातार कई दिनों से तेज आंधी बरसात गरज और चमक होने के चलते 33 हजार पावर लाइन की कई इंसुलेटर है, पंक्चर हो जा रहे हैं। इससे विद्युत आपूर्ति बाधित हुई है। खराब इंसुलेटर को ठीक किया जा रहा है। ठीक होने के बाद विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।