अनपरा के प्रभारी निरीक्षक के निलंबन मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। बड़ी घटनाओं में भी एफआईआर के जगह एनसीआर और कई मामलों में केस न लिखकर मामला टरकाने की प्रवृत्ति उन पर भारी पड़ी है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने उन्हें लाइन हाजिर कर दिया है।
कुछ माह पूर्व अनपरा थाने में तैनाती के बाद से ही थाना प्रभारी पंकज पांडेय विवादों में रहे। क्षेत्र में चोरी सहित अन्य आपराधिक घटनाओं पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा था। स्थिति ऐसी बनी कि मारपीट और चोरी जैसे मामले दर्ज कराना यहां आसान नहीं था। ऐसे में आए दिन लोग सौ किमी दूर अनपरा से चुर्क स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचते थे।
करीब दो माह पूर्व थाने के चर्चित हिस्ट्रीशीटर को धमकी सहित अन्य मामलों में दबाव के बाद गिरफ्तारी मामले में भी पुलिस की काफी किरकिरी हुई थी। विभागीय कर्मचारियों की मानें तो लापरवाही को लेकर पूर्व में पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारी को हिदायत भी दी थी। इसके बाद भी एफआईआर लिखने की बजाय मामला टरकाने के प्रवृत्ति में सुधार नहीं हुआ। इस पर पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया है। हालांकि अभी तक नए प्रभारी की नियुक्ति नहीं की गई है।
कई थानों में केस दर्ज करने में हो रही लापरवाही
यह नया मामला नहीं है कि अनपरा थाने ही में पीड़ितों की सुनवाई नहीं हो रही थी। इस तरह से अन्य थानों में भी लापरवाही सामने आती रही है। कई थानों में आए बड़े मामलों में पहले एनसीआर ही दर्ज होता है। स्थिति यह है कि चोरी और मारपीट जैसी वास्तविक घटनाओं में भी मुकदमा दर्ज करने में कई थानाध्यक्ष कोताही बरत रहे हैं।