इस बाबत यातायात निरीक्षक अविनाश कुमार सिंह का कहना था कि मंत्रीजी की यात्रा व प्रोटोकॉल के बारे में यातायात पुलिस के पास कोई जानकारी नहीं थी। लिहाजा पहले से कोई तैयारी नहीं थी। अचानक से जुलूस जब चौराहे पर पहुंचा इससे जाम की स्थिति बन गई। कई स्कूल वाहन और न्यायिक अधिकारियों के वाहन जाम में फंस गए थे।
इस पर चौराहे पर खड़े जवानों ने यात्रा में आगे चल रहे वाहन को किनारे करने को कहा था, जिस पर कार्यकर्ता उत्तेजित हो गए। बाद में मंत्री जी के आने पर उन्हें वस्तु स्थिति से अवगत कराया गया। जानबूझकर वाहन रोकने की बात सही नहीं है। उधर, इस मामले में एसपी अशोक कुमार मीणा ने शिकायत पर एएसपी को जांच के निर्देश दिए हैं।