मंत्री ने बताया कि संविधान अधिकार न्याय यात्रा 135 दिनों तक चली और इस दौरान करीब 200 निषाद बहुल विधानसभा क्षेत्रों में जाकर समाज के लोगों से संवाद किया गया। उन्होंने कहा कि पहली बार मछुआरों को संगठित कर एक सशक्त आवाज के रूप में खड़ा किया गया है।
संजय निषाद ने कहा कि भाजपा ने निषाद समाज से जो वादे किए थे, उन्हें अब तक पूरी तरह निभाया नहीं गया है। इसका असर 2022 के विधानसभा चुनाव में भी देखने को मिला, जहां पार्टी को निषाद बहुल 45 सीटों पर हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर निर्माण के साथ निषादराज की मूर्ति की स्थापना होना एक ऐतिहासिक कदम है, जिससे समाज के आत्मसम्मान को मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि यह निषादराज के लिए लिया गया संकल्प था, जो अब पूर्ण हुआ है।