सोनभद्र। जिले में तीन सौ करोड़ के मनरेगा घोटाले की जांच कर रही सीबीआई टीम ने शुक्रवार को घोरावल ब्लॉक के अभिलेखों की जांच की। दो सदस्यीय टीम बृहस्पतिवार से वाराणसी मेें कैंप किए हुए है। टीम ने बिल्डिंग मैटेरियल की आपूर्ति करने वाले कई लोगों को बुलाकर पूछताछ की।
जिले में वर्ष 2007 से 2010 तक महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत कराए गए विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर सरकारी धन की बंदरबांट की गई थी। कई सड़क, चेकडैम, पुलिया, बंधी, तालाब का कार्य कागजों पर कराकर धन हड़प लिया गया था।
दिल्ली से आई टीम और ग्राम्य विकास के उच्चाधिकारियों ने मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों की जांच की तो तीन सौ करोड़ का घोटाला उजागर हुआ। सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को सीबीआई अफसर आरआर त्रिपाठी, प्रवीण द्विवेदी ने घोरावल ब्लॉक में कराए गए कार्यों के रिकार्ड की जांच की।
वाराणसी के एक होटल में दोनों अफसरों ने कई आपूर्तिकर्ताओं से भुगतान के बारे में पूछताछ की। दस्तावजे भी कब्जे में लिया। इस संबंध में डीसी मनरेगा जीपी सिंह ने कहा कि बुधवार को सीबीआई टीम को वाराणसी में वाहन उपलब्ध कराया गया था। टीम ने जिले में आकर जांच की या नहीं, इस बारे मेें जानकारी नहीं है। पता चला है कि वाराणसी में ही टीम ने कुछ लोगों को बुलाकर पूछताछ की है।