इस दर्दनाक हादसे के बाद मां की चीख-पुकार सुनकर पास-पड़ोस के लोग माैके पर जुट गए। पिता शैलेंद्र ने बताया कि दो साल पहले मैं अपनी बड़ी बेटी को भी इसी तरह के दर्दनाक हादसे में खो चुका हूं। मेरे बच्चे मेरी दुनिया का हिस्सा थे। दोनों खत्म हो गए। हादसे की खबर सुनकर पिता भी बेहोश हो गया था। पड़ोसियों ने पानी छिड़ककर उसे होश में लाया।
प्रिया की मां पूजा ने बताया कि चूल्हे पर छोला रखकर मैं दुकान के अन्य काम में उलझ गई। छोला करीब आधे घंटे से उब रहा था। तभी कुछ तेज आहट हुई। दाैड़कर कमरे में गई तो देखा मेरी बेटी भगोने में उल्टे मुंह गिरी हुई है। उसे तुरंत निकाला और कपड़े में लपेटकर सीएचसी ले गई, जहां डाॅक्टर ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। यहां से उसे जिला अस्पताल लेकर आई। यहां डाॅक्टरों ने बताया कि प्रिया 80 प्रतिशत से ज्यादा जल चुकी है। उसने दम तोड़ दिया है।
दो साल पहले घटी घटना का जिक्र करते हुए पिता शैलेंद्र ने बताया कि दो साल पहले उबलते दाल में गिरकर बड़ी बेटी साैम्या की भी माैत हो गई थी। इसके छह महीने बाद बेटी प्रिया ने जन्म दिया। हम उसमें अपनी बड़ी बेटी को देखते थे। यह हादसा मेरे लिए काल बन गया। मैं बहुत अभागा हूं..।