भारतीय सामाजिक न्याय मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने जिले में हो रहे अवैध खनन, वन भूमि पर वनवासियों को मालिकाना हक न दिए जाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर रविवार से कलेक्ट्रेट पर बेमियादी धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। आंदोलित कार्यकर्ता अवैध खनन बंद कराने, वीआईपी वसूली की सीबीआई से जांच कराने आदि मांग कर रहे थे।
धरना को संबोधित करते हुए संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी यशवंत सिंह ने कहा कि खनन माफिया खुलेआम कैमूर वन्य जीव विहार व वन क्षेत्र में दिन रात अवैध खनन करके धन कमाने में संलिप्त हैं। उच्च न्यायालय के रोक के बावजूद अवैध खनन के लिए अवैध खदानों का मोटी रकम लेकर नवीनीकरण किया जा रहा है।
इधर कुछ वर्षों से चर्चित सर्वेक्षक और सत्ता पक्ष के विधायकों के सिंडीकेट द्वारा वीआईपी की वसूली की जा रही है। सोन नदी, कनहर नदी, सेंचुरी एरिया में पोकलेन, जेसीबी मशीन लगाकर खनन पट्टा सीमांकन से हटकर अवैध खनन संबंधित विभाग के संरक्षण में चल रहा है। कार्यवाहक राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र चौधरी ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों की वजह से खनिज संपदा का दोहन हो रहा है और राजस्व को भारी क्षति हो रही है।
अनियंत्रित खनन की वजह से पर्यावरण और पारिस्थिति में असंतुलन पैदा हो गया है। जनहित मंच के अध्यक्ष संतोष सिंह चंदेल ने कहा कि सोनभद्र में पर्याप्त वन संपदा और हरियाली की मौजूदगी है, लेकिन अवैध खनन से पर्यावरण दिनों दिन प्रदूषित होता जा रहा है।
एडवोकेट अशोक तिवारी ने कहा कि देश व प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। रामकृष्ण पाठक ने कहा कि वनवासियों को उनकी पुश्तैनी जमीन पर मालिकाना हक न देकर साजिश के तहत उन्हें नक्सली बनाया जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष अमरेश पटेल ने कहा कि जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है।
सभा को पवन कुमार सिद्धार्थ, दशी भारती, दौलती मौर्य, निर्मला मिश्रा, लाल बिहारी विश्वकर्मा, राम सागर विश्वकर्मा, पृथ्वीराज पटेल, रामनरेश पटेल, रामवचन वनवासी आदि ने संबोधित किया। इस मौके पर रामनरेश विश्वकर्मा, रामजतन बिंद, बालेश्वर अगरिया, शोभनाथ बिंद, पुरूषोत्तम बिंद, राजकुमार पटेल, रामजियावन कोल, परशुराम मौर्य, मेघनाथ आदि रहे।