सोनभद्र। आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले विभिन्न विभागों में तैनात अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के कर्मचारियों ने रविवार को राबर्ट्सगंज में जुलूस निकाला और कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद केंद्र और राज्य सरकार के नाम संबोधित 15 सूत्री मांग पत्र उपजिलाधिकारी कलेक्ट्रेट को सौंपा। इस दौरान निर्णय लिया कि मांगें पूरी न होने पर आरक्षित वर्ग के विधायकों, सांसदों का घेराव किया जाएगा और फिर 10 दिसंबर को दिल्ली में महारैली की जाएगी।
इस अवसर पर हुई सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि केंद्र में बीजेपी की मोदी सरकार ने अनुसूचित जाति के हकों को काटने के लिए जिस तरह से यूपी की अखिलेश सरकार को मूक समर्थन दिया है और उनकी मांगों को अनसुना किया ह,ै उसका जवाब वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में दिया जाएगा।
वक्ताओं ने दलितों के खिलाफ उत्पीड़नात्मक कार्रवाई बंद करने, राज्यों के विभिन्न विभागों/ उपक्रमों में हजारों कार्मिकों के विरुद्घ रिवर्सन की कार्रवाई तुरंत रद्द करने, दलितों की जमीनें हड़पने की साजिश बंद करने और लोक सभा का विशेष सत्र बुलाकर 117 संविधान संशोधन बिल तत्काल वापस लिये जाने समेत कई मांगें उठाईं।
धरना और सभा के बाद एसडीएम कलेक्ट्रेट को 15 सूत्री मांगपत्र सौंपा। इसमें सच्चर कमेटी और रंगनाथ मिश्र की रिपोर्ट भी तत्काल लागू करने समेत अन्य मांगें उठाईं। इसके पूर्व आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति से जुड़े लोग रविवार को राबर्ट्सगंज के आर्य नगर में स्थित कार्यालय पर एकत्रित हुए। यहां अधिकारियों-कर्मचारियों ने बैठक की और फिर यहां से बाइक जुलूस निकाला। जुलूस नगर के विभिन्न मार्गों से होकर कलेक्ट्रेट पहुंचा। प्रदर्शन के दौरान मुंशी राम, अजीत रावत, रविंद्र नाथ, विनोद कुमार, अवधेश आदि रहे।