सोनभद्र। जिले में अब तक 55 हजार से अधिक श्रमिक आ चुके हैं। इनमें प्रवासी श्रमिकों की संख्या भी 6079 हो गई है। दरअसल, अधिकारी प्रवासी श्रमिकों की क्वारंटीन अवधि का भी ध्यान रख रहे हैं और क्वारंटीन अवधि पूरी होने के बाद ही मनरेगा के तहत रोजगार देने अथवा अन्य कार्यों के लिए औपचारिकताएं पूरी करा रहे हैं। सावधानी बरते जाने के कारण ही अभी सिर्फ जिले के सभी आठ ब्लाकों में मिलाकर 4255 प्रवासी मजदूरों के जाबकार्ड बनाए जाने की औपचारिकताएं पूरी की जा सकी हैं। प्रशासन प्रवासी श्रमिकों को मनरेगा के तहत रोजगार की व्यवस्था में भी जुटा है।कोरोना वायरस के फैलाव पर रोक के लिए घोषित लाकडाउन के बीच हाल के दिनों में विभिन्न प्रांतों व जिलों में कमाने गए श्रमिकों की घर वापसी का सिलसिला तेज हुआ है। अब तक जिले के बभनी, चतरा, चोपन, दुद्धी, घोरावल, म्योरपुर, नगवां व राबर्ट्सगंज ब्लाक में 6079 प्रवासी श्रमिकों का आगमन हो चुका है। इनमें से सर्वाधिक 1499 राबर्ट्सगंज ब्लाक के विभिन्न गांवों के हैं।
इनके अलावा बभनी में 528, चतरा में 415, चोपन में 795, दुद्धी में 784, घोरावल में 1086, म्योरपुर में 757, नगवां में 215 प्रवासी श्रमिक अपने गांव लौटे हैं। इनमें से बभनी में 370, चतरा में 291, चोपन में 557, दुद्धी में 549, घोरावल में 760, म्योरपुर में 530, नगवां में 151 और राबर्ट्सगंज में 1049 श्रमिकों के जाबकार्ड बनाए जाने की औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार द्विवेदी का कहना है कि प्रवासी श्रमिकों को मनरेगा के तहत रोजगार उपलब्ध कराने के संबंधित अधिकारियों को हिदायत दे दी गई है। ताकि श्रमिकों को भरण-पोषण के लिए दिक्कतों का सामना न करना पड़े।