सोनभद्र अनपरा में बिजली संकट आगामी दिनों में गहराने के आसार हैं। इसकी वजह विद्युत उत्पादन निगम की इकाइयों में कोयले की कमी है, जिससे सोनभद्र की तीन इकाइयों में उत्पादन शून्य हो गया है। हरदुआगंज और पारीक्षा की करीब 985 मेगावाट की तीन इकाइयां बंद होने से बिजली उत्पादन का बोझ अन्य इकाइयों पर पड़ा। जल विद्युत पर आधारित इकाइयों को चलाकर मेंटेन करने की कोशिश जा रही है। फुल लोड पर चलाए जाने के बाद भी मांग की पूर्ति के लिए पीक ऑवर में कटौती करनी पड़ रही है।
हरदुआगंज परियोजना की 105 मेगावाट की सी इकाई और 660 मेगावाट की ई इकाई से उत्पादन ठप है। वहीं पारीछा की 220 मेगावाट वाली ए इकाई से भी सोमवार को बिजली उत्पादन शून्य रहा। लगातार गहराते कोल संकट के बीच परियोजनाओं के पास चार से आठ दिन का ही कोयला शेष था। इस बीच रेल रैक से कोल आपूर्ति बहाल न होने के कारण परियोजनाओं को उत्पादन कम करने की आवश्यकता पड़ी है। इससे बिजली संकट बढ़ने के आसार नजर आने लगे हैं। बिजली की मांग को पूरा करने के लिए अनपरा ए से 512, अनपरा बी से 890, अनपरा डी से 954, लैंको से 1116, ओबरा बी से 690 मेगावाट बिजली का उत्पादन होता रहा। सभी परियोजना शेड्यूल से अधिक बिजली तैयार कर रही हैं। वहीं जल विद्युत आधारित ओबरा-एच से 36 और रिहंद से 231 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया गया।