अनपरा। शनिवार सुबह से ही थर्मल बैकिंग रुकने से अनपरा परियोजना के साथ ही निगम के उत्पादन में भी वृद्धि हुई है। इस दौरान अनपरा की सभी परियोजनाओं को फुल लोड पर संचालित किया गया। इससे निगम का उत्पादन बढ़कर 2722 मेगावाट पहुंच गया।
बिजली की मांग में कमी के कारण पिछले कई दिनों से विद्युत परियोजनाओं से लगातार उत्पादन कम कराया गया। शनिवार को हालांकि बिजली की मांग में तो ज्यादा अंतर नहीं रहा। किंतु कई इकाइयों के बंद होने के कारण सिस्टम कंटोल के निर्देश पर उत्पादनरत इकाइयों से थर्मल बैकिंग रोक दी गई। इससे अनपरा परियोजना की छह इकाईयों से 1876 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया गया। अनपरा परियोजना के सीजीएम इं. आरसी श्रीवास्तव ने बताया कि 210 मेगावाट की दूसरी इकाई को सिंक्रोनाइज कर फुल लोड पर ले लिया गया है। इससे निगम का उत्पादन भी बढ़कर 2722 मेगावाट पहुंच गया। शनिवार को अनपरा ए से 498, बी से 900, डी से 478 तथा निजी क्षेत्र की लैंको परियोजना से 1112 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया गया। शनिवार को रिहंद जल विद्युत के सभी छह टरबाइनों से 153 मेगावाट उत्पादन किया गया। अनपरा डी के जीएम आरके अग्रवाल ने बताया कि 500 मेगावाट की छठी इकाई का अनुरक्षण कार्य युद्घ स्तर पर है। दो दिन में इस इकाई से भी उत्पादन शुरू हो जाएगा।
बिजली की मांग बढ़ी
शनिवार को बिजली की मांग में मामूली बढत बनी रही। सुबह दर्ज आंकड़ों के अनुसार अधिकतम मांग शुक्रवार के 14277 मेगावाट के सापेक्ष 16113 मेगावाट रही। शनिवार शाम चार बजे तक प्रदेश में बिजली की मांग 13127 मेगावाट दर्ज की गई।
रिहंद का जल स्तर बढाव पर
रिहंद डैम के जल स्तर में बढ़ाव का क्रम शनिवार को भी जारी रहा। शुक्रवार के 863.6 फीट के सापेक्ष शनिवार सुबह डैम का जल स्तर बढकर 864.5 फीट पहुंच गया। एक्सईएन एसके सिंह ने बताया कि अभी भी कैचमेंट एरिया से डैम में पानी का प्रवाह बना हुआ है। हालांकि इसकी गति धीमी अवश्य हो गई है।