जिले के लोगों के लिए खुशखबरी है। शासन से जिला अस्पताल द्वारा संचालित रक्त कोष राबर्ट्सगंज की क्षमता बढ़ा दी गई है।। अब 300 यूनिट ब्लड रखने की बजाय 500 यूनिट में रखा जाएगा। रक्तकोष की क्षमता बढ़ जाने से लोगों को काफी राहत मिलेगी।
जिले में गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को बेहतर इलाज के लिए यूपी सरकार की ओर से लगातार प्रयास किये जा रहे है। जरूरत मंदों को ब्लड की पूर्ति के लिए राबर्ट्सगंज नगर में स्थित रक्तकोष की क्षमता बढ़ा दी गई है। यहां की ब्लड स्टोरेज क्षमता तो 300 यूनिट थी, लेकिन अब बढ़ाकर पांच सौ यूनिट कर दिया गया है। रक्तकोष में पांच सौ यूनिट ब्लड रखने के लिए सभी व्यवस्था पूरी कर ली गई है। पूर्व में विभिन्न संगठनों द्वारा रक्तदान करने पर ब्लड बैंक में जगह कम होने पर स्वास्थ्यकर्मी लेने से इंकार कर दिए थे। इसको देखते हुए सीएमएस डॉ. क्रांति कुमार की ओर से शासन से ब्लड बैंक की क्षमता बढ़ाने की मांग की गई थी, जो पूरी हो गई है। हालांकि 500 यूनिट स्टोरेज क्षमता वाले बैंक में काफी कम ब्लड है। शुक्रवार को बैंक में करीब 144 यूनिट ही ब्लड था। जागरूकता के अभाव में लोग रक्तदान करने में रूचि नहीं ले रहे हैं। इस संबंध में सीएमएस डॉ. क्रांति कुमार ने बताया कि रक्तकोष में पांच सौ यूनिट ब्लड रखने की व्यवस्था हो गई है।
इन मरीजों को मिलता है मुफ्त में खून
विषम परिस्थिति में ब्लड बैंक मरीज के परिजन से शुल्क नहीं लेता है। स्वास्थ्य विभाग की मानें तो नेशनल ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल (एनबीटीसी) ने ही एक समान ब्लड प्रोसेसिंग फीस तय की है। इसके तहत 1050 रुपये सामान्य मरीजों या उनके तीमारदारों से ब्लड के लिए जाते हैं, साथ ब्लड डोनेट करना पड़ता है। बीपीएल कार्डधारी, आयुष्मान योजना के लाभार्थी, दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति, ब्लड कैंसर, थैलीसीमिया, सिकलसेल, डायलिसिस जैसी बीमारियों में मरीज को दिए रक्त का शुल्क नहीं लिया जाता। साथ ही प्रसव पूर्व, प्रसव पश्चात जच्चा को हुई रक्त की कमी के लिए किसी प्रकार के शुल्क की जरुरत नहीं। छोटे बच्चे में हुई रक्त अल्पता, सीवियर एनीमिया आदि जानलेवा बीमारियों से पीड़ित मरीज आदि परिस्थितियों में लिए रक्त के लिए परिजनों को शुल्क नहीं चुकाना है। कुछ डोनर एक्सचेंज में भी ब्लड दे जाते हैं।