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लाकडाउन में शिक्षक बच्चों को पढ़ाने में कर रहे समय का उपयोग

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सोनभद्र। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की चेन तोड़ने के लिए लॉकडाउन घोषित है। लॉकडाउन में बेवजह लोगों के घर से निकलने पर पाबंदी है। सिर्फ विशेष परिस्थिति में ही घर से बाहर निकलने दिया जा रहा है। ऐसे समय में बेसिक शिक्षा विभाग के प्राइमरी स्कूलों में तैनात शिक्षक अपने समय का उपयोग बच्चों को व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से पढ़ाकर कर रहे हैं। लॉक डाउन में इस नए प्रयोग से बच्चे भी काफी उत्साहित होकर अध्यापकों द्वारा दिये गए होमवर्क को अपने माता-पिता के सहयोग से पूरा कर विद्यालयों के ग्रुप पर डाल रहे हैं।
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राबर्ट्सगंज तहसील के तकिया दरगाह स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय की प्रधानाचार्या सुषमा शुक्ला का कहना है कि वह व्हाट्सएप के माध्यम से छात्र-छात्राओं को पढ़ाने का काम कर रही हैं। इसके लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाई हैं। ग्रुप में बच्चों के अभिभावकों के नंबर जोड़े गये हैं। लॉकडाउन का समय चल रहा है, ऐसे में अभिभावक भी घर हैं, इसलिए बच्चों की पढ़ाई पर अभिभावक भी पूरा ध्यान दे रहे हैं। प्रधानाचार्या का कहना है कि किताबी ज्ञान के साथ ही बच्चों को सामान्य ज्ञान की शिक्षा दी जा रही है। इसके अलावा बच्चों को हैंडवास, साबुन से समय-समय पर हाथों को अच्छी तरह से धोने तथा मास्क लगाने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।
घोरावल ब्लॉक के ओड़हथा स्थित इंग्लिश मीडियम प्राइमरी स्कूल की प्रधानाचार्या अमृता सिंह ने भी लाकडाउन के दौरान अभिभावकों का एक वाट्सएप ग्रुप बनाकर अधिकांश बच्चों से सीधे जुड़ने का प्रयास किया है। विद्यालय में कुल 185 बच्चों का नामांकन है। शुरूआती प्रयास में 50 बच्चे ग्रुप से जुड़ चुके हैं। विद्यालय की अध्यापिका नुसरत, साक्षी द्विवेदी, अनुराधा, अध्यापक अभिषेक केजरीवाल बच्चों को गणित, अंग्रेजी व अन्य विषयों समेत सामान्य ज्ञान की पढ़ाई के लिए अपने घरों से ही प्रश्न ग्रुप में डालकर बच्चों से हल करवा रहे हैं। बच्चे बाकायदा प्रश्नों को कॉपी पर हल करके उसकी फोटो खींचकर व्हाट्सएप में डाल देते हैं। इस लॉक डाउन में भी ग्रुप बनाकर पढ़ाई से बच्चों को जोड़े रखने का यह प्रयास अच्छा कदम साबित हो रहा है।
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लॉक डाउन के दौरान दुद्धी कस्बे के शिक्षक सुभाष गुप्ता ने समाज में आदर्श शिक्षक की मिसाल पेश करते हुए छात्रों को ऑनलाइन शिक्षा देने का निर्णय किया है। सुभाष बच्चों को नि:शुल्क पढ़ाने के साथ क्षेत्र के कई बस्तियों में असहायों के लिए नि:शुल्क भोजन आदि उपलब्ध कराने जैसे पुनीत कार्य भी कर रहे हैं। अभी वह हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के बच्चों को भौतिक विज्ञान व गणित विषय के अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नि:शुल्क देने का निर्णय लिया है। शिक्षक सुभाष गुप्ता के पढ़ाये हुए बच्चे इसरो व डीआरडीओ जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में वैज्ञानिक व इंजीनियर आदि पदों को सुशोभित कर रहे हैं।
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