लखनऊ में जहरीली शराब पीने से हुई 21 लोगों की मौत के बाद शासन के निर्देश पर मंगलवार को जिला प्रशासन, पुलिस और आबकारी विभाग ने शराब कारोबारियों के यहां छापा डाला।
जगह-जगह एसडीएम और अन्य अधिकारियों की अगुवाई में छापेमारी की गई है। 165 लीटर कच्ची शराब बरामद हुई। 1500 किग्रा महुए का लहन नष्ट किया गया और चार व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
जिले में कच्ची शराब बनाने और बेंचने का धंधा चरम पर है। सदर तहसील की नाक के नीचे कंजड़ बस्ती में प्रतिदिन कच्ची शराब बनाई और बेची जाती है।
जिले के अन्य इलाकों में शराब बनाने और बेचने का कारोबार तेजी से फल फूल रहा है। लेकिन जिले के प्रशासनिक, पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारियों को आंख के सामने चल रहा अवैध धंधा नजर नहीं आता।
इसकी शिकायत लोगों ने कई बार कोतवाल रमाकांत पांडेय से की मगर उन्होंने आबकारी से जुड़ा मामला बताते हुए पल्ला झाड़ लिया। नतीजा है कि तहसील और कचहरी की ओर जाने में दुर्गंध से सांस लेना दूभर होता है।
अब जबकि सोमवार को लखनऊ में जहरीली शराब पीने से 21 लोगों की मौत हो गई और शासन ने इसे गंभीरता से लिया तो अधिकारियों की कुंभकर्णी नींद टूट गई।
मंगलवार को सदर एसडीएम राजेंद्र तिवारी और सीओ सच्चिदानंद तहसील परिसर से सटे कंजड़ बस्ती में पुलिस के साथ छापेमारी की। इस दौरान सिपाहियों ने जमीन के अंदर छिपाकर रखे गए शराब बनाने के लहन को बाहर निकाल कर नष्ट किया।
सीओ सच्चिदानंद ने बताया कि सौ कुंतल शराब बनाने का लहन नष्ट किया गया है। यहां से पकड़े गए श्रवण, अमित, हरेंद्र धोबी और सुपर मेहरा के पास से पांच-पांच लीटर अवैध शराब बरामद हुई।
आरोपियों का चालान कर दिया गया। उधर संबंधित धाराओं में चालान कर दिया गया है। वैनी संवाददाता के अनुसार आबकारी इंस्पेक्टर अरविंद कुमार सिंह की अगुवाई में आबकारी विभाग की टीम ने खलियारी, बलियारी, दूबेपुर, वैनी और चकया गांव में पुलिस के साथ छापेमारी की।
टीम ने इन जगहों से कुल 130 लीटर कच्ची शराब बरामद किया। आबकारी निरीक्षक ने बताया कि 15 सौ किग्रा महुए का लहन नष्ट किया गया है। बताया कि अवैध और कच्ची शराब बनाने और बेचने के खिलाफ छापेमारी का अभियान चलता रहेगा।