प्राथमिक स्वास्थ्य केेंद्र वैनी में दुर्व्यवस्था थम नहीं रही। शुक्रवार को सीएमओ के निरीक्षण का भी यहां के चिकित्सक और अन्य स्टाफ पर कोई असर नहीं रहा।
नतीजा सुबह आठ बजे से चलने वाला अस्पताल शनिवार को महज दो घंटे के लिए ही खुला। एक डॉक्टर और अन्य स्टाफ करीब 11 बजे अस्पताल पहुंचे। मरीज और उनके तीमारदार ने बताया कि डाक्टरों के इंतजार में घंटों जमीन पर बैठे रहे।
वैनी अस्पताल में अभी नसबंदी के लिए आए मरीजों को जमीन पर लेटाने का मामला थमा भी नहीं था कि शनिवार को चिकित्सकों और स्टाफ की लापरवाही एक बार फिर उजागर हो गई।
जमीन पर मरीजों को लेटाने के प्रकरण में शुक्रवार को सीएमओ डा. यूके वर्मा, एनआरएचएम के डीपीएम एसके सिंह और अपर सीएमओ डॉ. गणेश ने अस्पताल में पहुंचकर जांच किया था। इस दौरान अस्पताल का 11 स्टाफ अनुपस्थित था। सीएमओ ने सभी का एक दिन का वेतन काटने की बात कही थी।
इस कार्रवाई पर भी स्टाफ की गतिविधियों में कोई सुधार नहीं आया। शनिवार को अस्पताल सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक का था। लेकिन यहां एक चिकित्सक और अन्य पैरामेडिकल स्टाफ करीब 11 बजे अस्पताल पहुंचे।
पहाड़ क्षेत्र से करीब 40 से 45 किमी तक की दूरी तक कर अस्पताल पहुंचने वालों को इससे काफी निराशा हाथ लगती है। इस बाबत सीएमओ ने कहा कि स्टाफ की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चिकित्सक और स्टाफ के अस्पताल में देर से पहुंचने का मामला उनके संज्ञान में मरीजों ने फोन कर दिया था।
इस पर उन्होंने अधीक्षक को तलब किया है। यदि लापरवाही पर अंकुश नहीं लगा तो संबंधितों पर कार्रवाई की जाएगी।