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पत्रकारिता की आत्मा है निष्पक्षता : अजय शेखर

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सोनभद्र। हिंदी पत्रकारिता दिवस पर शुक्रवार को नगर के एक होटल सभागार में ‘पत्रकारिता दायित्वों की कसौटी पर’ विषयक गोष्ठी का आयोजन हुआ। श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के बैनर तले हुई संगोष्ठी में जिले के वरिष्ठ पत्रकारों और साहित्यकारों को सम्मानित किया गया।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए साहित्यकार अजय शेखर ने कहा कि पत्रकारिता की आत्मा निष्पक्षता में निहित है। उन्होंने कहा कि सत्ता और पत्रकारिता के बीच स्वाभाविक विरोध होता है। जहां सत्ता यथास्थिति बनाए रखना चाहती है, वहीं पत्रकारिता बदलाव की पक्षधर होती है। मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार नरेंद्र नीरव और विशिष्ट अतिथि उपन्यासकार रामनाथ शिवेंद्र ने कहा कि आज के वैश्विक परिप्रेक्ष्य में पत्रकारिता की जिम्मेदारियां और भी व्यापक हो गई हैं। सोनभद्र जैसे जिले में भी अब देशभर की पत्रकारिता की झलक देखने को मिलती है। वक्ताओं ने जनहित, राष्ट्रहित और निष्पक्षता को पत्रकारिता की रीढ़ बताते हुए इसके विविध आयामों पर प्रकाश डाला। इससे पहले कवि प्रद्युम्न त्रिपाठी ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के जिलाध्यक्ष ब्रजेश शुक्ल ने पत्रकारों की भूमिका और चुनौतियों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में रामप्रसाद यादव एडवोकेट, सचिन गुप्त, गिरीश पांडेय, ब्रजेश शुक्ल आदि ने अतिथियों का सारस्वत सम्मान किया। पत्रकारों और साहित्यकारों को भी सम्मानित किया गया। इस मौके पर रवींद्र केशरी, राजेंद्र द्विवेदी, विमल जालान, विनोद पांडेय, अरविंद तिवारी आदि रहे। संचालन भोलानाथ मिश्र ने किया।
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