बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र में स्थित पत्थर की चार खदानों में अवैध खनन की पुष्टि हुई है। राजस्व टीम ने जांच पड़ताल के बाद अवैध खनन की रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है। पूर्व में राजस्व टीम कई खदानों में अवैध खनन पकड़ चुकी है मगर खनन माफिया और वीआईपी सिंडिकेट के गठजोड़ के चलते इन पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी। इसी का नजीता है कि अवैध खनन करने वालों में प्रशासन का खौफ खत्म सा हो गया है। पत्थर की साइट हो या बालू की।
लीज संचालक स्वीकृत क्षेत्र से बढ़कर अवैध खनन कर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि लीज संचालकों ने सीमा स्तंभ और पिलर तक क्षतिग्रस्त कर दिया है ताकि स्वीकृत क्षेत्र से बढ़कर अवैध खनन किया जा सके।डीएम सीबी सिंह को बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र में अवैध खनन की शिकायत मिली थी। आठ जून को डीएम ने एसडीएम सदर कैलाश सिंह को मामले की जांच सौंपी। कैलाश सिंह ने राजस्व और खनन विभाग की टीम के खनन बेल्ट में चार खदानों की जांच पड़ताल की। रिपोर्ट के मुताबिक आराजी संख्या 4475, 4866, 4867 पत्थर खदान 2.55 एकड़ में है।
नापी के दौरा पता चला कि खदान संचालक ने स्वीकृत क्षेत्र बढ़कर उत्तर साइड में अवैध खनन कराया है। इसी तरह आराजी संख्या 4485, 4586, 4597, 4599 पत्थर की लीज 2.85 एकड़ में फैली है। जांच पड़ताल के दौरान लीज से पश्चिम साइड अवैध रूप से बोल्डर निकाले की पुष्टि हुई है। टीम ने आराजी संख्या 4949 (ख) की जांच की तो यहां भी अवैध खनन पाया गया। लीज संचालक ने स्वीकृत क्षेत्र से बढ़कर पूरब और दक्षिण साइड में अवैध खनन कराया है। राजस्व टीम ने आराजी संख्या 4478 (छ) जांच की तो 1.78 एकड़ में फैले इस खदान में स्वीकृत क्षेत्र से दक्षिण साइड में अवैध खनन मिला है। शुक्रवार को एसडीएम ने जांच रिपोर्ट डीएम को भेज दी है।