महलपुर गांव में सोन नदी में मंगलवार को अवैध बालू साइट का खुलासा हुआ। जिला प्रशासन, वन विभाग, खनन सफेदपोश और खनन सिंडिकेट की मिलीभगत से लंबे समय से अवैध रूप से यहां से बालू निकाला जा रहा था। इस साइट से पूर्वांचल के माफिया, एक पूर्व सांसद की गाड़ियां मुख्य रूप से बालू लादती मिलीं। पुलिस ने छह ट्रक और चार-पांच पोकलेन मशीन कब्जे में ले ली।
सोन नदी में महलपुर गांव में एक भी बालू का खनन पट्टा नहीं है। फिर भी यहां दूसरी साइट के नाम पर बालू का अवैध खनन हो रहा है। इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को हुई तो तहसीलदार सदर योगेंद्र सिंह की अगुवाई में पुलिस, वन और खनन विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची।
मंगलवार की दोपहर बाद करीब तीन बजे महलपुर की अवैध बालू साइट पर छापेमारी हुई तो ट्रक और पोकलेन चालक वाहन छोड़कर भाग गए। मौके से छह ट्रक कब्जे में लिए गए। इनमें एक पूर्व सांसद के ट्रक पर ओवरलोड बालू लदा मिला। इस छापेमारी से अवैध बालू खनन के बड़े सिंडिकेट की बात भी सामने आई है।
चूंकि मामला अब खुल गया है, इसलिए खुद को बचाने के लिए कोई भी अधिकारी या कर्मचारी बोलने से बच रहा है। चूंकि खान विभाग और खनन सिंडिकेट वैध खनन पट्टे का परमिट अवैध खनन के लिए इस्तेमाल करता था, इसलिए इस मामले को लेकर देर शाम तक मैनेज का खेल चलता रहा।
खनन अधिकारी पीके सिंह ने कहा कि मौके पर सर्वेयर संतोष पाल को भेजा गया है। खनन सर्वेयर संतोष पाल ने बताया कि बालू लदे छह ट्रक पकड़े गए हैं। प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई हो रही है। चोपन थानाध्यक्ष रविंद्र भूषण मौर्य ने बताया कि बालू लदे ट्रक और चार-पांच पोकलेन मशीन खनन करते मिले हैं।
उन्हें कब्जे में ले लिया गया है। पुलिस टीम वाहन थाने लेकर आ रही है। यह गाड़ियां पूर्वांचल के कई जिलों की हैं। कहा कि अभी तक खनन विभाग से कोई तहरीर नहीं मिली है। बालू के अवैध खान की शिकायत मिलने पर संयुक्त टीम के साथ छापेमारी की गई है। खनन विभाग बाकी की कार्रवाई करा रहा है।
- योगेंद्र सिंह, तहसीलदार।