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Sonebhadra News: समय से दफ्तर और स्कूल पहुंचना है तो जाम के लिए भी समय निकालें

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जिला मुख्यालय की नगर पालिका रॉबर्ट्सगंज में ट्रैफिक का लोड लगातार बढ़ रहा है। बावजूद यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए कोई योजना नहीं है। सड़कों पर न कोई स्टैंड है और न ही कहीं पार्किंग की व्यवस्था।
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नगर में ट्रैफिक मनमाने ढंग से चल रहा है। नतीजा जहां-तहां जाम लग रहा है और हर रोज लोगों का समय बर्बाद हो रहा है। वर्ष 2021 से पहले तक नगर की आबादी 60 हजार थी।सीमा विस्तार के बाद नए इलाकों के जुड़ने और नई काॅलोनियों के बसने से आबादी लगभग दोगुनी हो चुकी है।
नए शॉपिंग मार्ट, कॉम्पेलक्स, दुकान, दफ्तर और अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों की संख्या में वृद्धि हुई है। ट्रैफिक का बोझ कई गुना बढ़ चुका है। फिर भी यातायात व्यवस्था पुराने ढर्रे पर ही चल रही है।
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चौराहों-तिराहों पर ट्रैफिक पुलिस के जवान व यातायात कर्मी तो रहते हैं, लेकिन वाहनों की भीड़ के आगे उनकी कोशिशें नाकाफी दिखती हैं। हाल यह है कि हर रोज जाम से जूझना नियति बनती जा रही है। सुबह दफ्तर जाना हो या बच्चों को स्कूल पहुंचाने-लाने का समय, कुछ देर जाम में फंसना तय है।
कई बार तो पुलिस-प्रशासन के अफसर, जनप्रतिनिधि और वीआईपी के वाहन भी नगर के जाम में फंस जाते हैं, तब यातायात कर्मी व्यवस्था सुधारने में हांफते नजर आते हैं।

इन स्थानों पर जाम हर रोज की बात
नगर का मुख्य चौराहा बढ़ौली पर कैनाल रोड की तरफ हर रोज जाम लगता है। चौराहे से नवीन मंडी को जाने-आने वाले मार्ग पर भी लोग जाम में फंसते हैं। चौराहे से सिविल लाइन रोड पर भी जाम रोज की बात है। कुछ ऐसी ही स्थिति धर्मशाला चौक की है। घोरावल-पन्नूगंज और वाराणसी-शक्तिनगर मुख्य मार्ग पर स्थित इस चौराहे तक पहुंचने से पहले ही वाहनों की गति थम जाती है। वजह यहां लगने वाला जाम है। कहने के लिए यहां भी यातायात पुलिस कर्मी सड़क के दोनों तरफ रहते हैं, लेकिन वाहनों की आवाजाही के बीच वह तमाशबीन ही रह जाते हैं। नगर के मेन चौक और महिला थाना तिराहा पर भी जाम की समस्या आम है।
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