अब विद्यालय खुलते ही प्रधानाचार्यों को छात्रों के साथ सेल्फी खींच कर व्हाट्सएप पर भेजनी होगी। शिक्षा विभाग ने सभी प्रधानाध्यापकों को सुबह समय से विद्यालय आकर अपनी उपस्थिति को सेल्फी के माध्यम से व्हाट्सएप पर भेजने का निर्देश दिया है। प्रदेश में नई सरकार आते ही सरकारी महकमों में समय प्रबंधन की बात होने लगी है।
बताते चलें कि नक्सल प्रभावित सोनभद्र में 1810 प्राथमिक एवं 654 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। प्राथमिक विद्यालयों में करीब 3100 शिक्षक, 1250 शिक्षामित्र एवं उच्च प्राथमिक स्कूलों में 1130 शिक्षक और 605 अनुदेशक तैनात हैं। बावजूद इसके शिक्षा व्यवस्था बेपटरी है। नक्सल, पहाड़ी व दुरूह इलाकों के अधिकांश विद्यालयों में शिक्षा की हालत दयनीय है। यहां तैनात शिक्षक कभी-कभार ही स्कूल जाते हैं। इतना ही नहीं कई शिक्षकों ने तीन से चार हजार रुपये प्रतिमाह पर स्थानीय युवकों को पढ़ाने तक के लिए भी रखा है। लेकिन अब शिक्षकों की मनमानी नहीं चलेगी।
स्कूल न जाने वाले शिक्षकों के ख्रिलाफ कार्रवाई की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। बेसिक शिक्षाधिकारी अमरनाथ सिंह ने सभी प्रधानाचार्यों को स्कूल खुलते ही छात्रों एवं वहां तैनात शिक्षकों के साथ सेल्फी लेकर अपने-अपने खंड शिक्षाधिकारियों के मोबाइल पर व्हाट्सप भेजने का निर्देश दिया है। बीएसए ने कहा कि खंड शिक्षाधिकारियों के मोबाइल पर छात्रों के साथ सेल्फी खींचकर न भेजने वालों को अनुपस्थित मानते हुए उनका वेतन रोककर कार्रवाई की जाएगी। कहा कि जिस दिन नेटवर्क नहीं होगा उस दिन शिक्षक मोबाइल से शिक्षकों को सूचित करना होगा। खंड शिक्षाधिकारी उन्हें प्रतिदिन अपने-अपने क्षेत्र के विद्यालयों की रिपोर्ट देंगे।