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Sonebhadra News: तीन उंगलियों से कम खुलता हो मुंह तो कैंसर के लक्षण

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सोनभद्र। घर के बड़े-बुजुर्गों को तंबाकू का सेवन करते देख किशोरों में इसका शौक बढ़ रहा है। शुरुआत केवल चार दानों से होती है और धीरे-धीरे यह लत जानलेवा बन जाती है। तंबाकू से होने वाले दुष्परिणामों के प्रति लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है बावजूद तंबाकू सेवन करने वालों की संख्या में कमी नहीं आ रही है।
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मेडिकल कॉलेज के दंत रोग विभाग के अनुसार, हर सप्ताह चार से पांच मुंह के कैंसर के प्रारंभिक लक्षण वाले मरीज सामने आ रहे हैं। उन्हें इलाज के लिए बीएचयू जैसे कैंसर अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि अधिकतर मरीज प्री-कैंसर की स्थिति में होते हैं, जिनका समय से इलाज जरूरी है। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में प्रतिदिन 30 से 40 मरीज तंबाकू जनित बीमारियों से पीड़ित आ रहे हैं। इनमें कई मुंह में शुरुआती घाव, मसूड़ों की कमजोरी, पायरिया व सांस की बीमारियों से ग्रसित हैं। डॉक्टरों के अनुसार बाजार में घटिया तंबाकू, सिंथेटिक कत्था और सुपारी से बने उत्पादों के कारण कैंसर की आशंका तीन गुना तक बढ़ गई है।
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अस्पताल में मुफ्त में मिल रही तंबाकू छुड़ाने की दवा
अगर मुंह तीन उंगलियों से कम खुल रहा हो, मुंह में लाल, सफेद या काले धब्बे, या लंबे समय तक छाले ठीक न हो रहे हों तो यह मुंह के कैंसर के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। मेडिकल कॉलेज में तंबाकू छोड़ने के लिए मुफ्त दवा और परामर्श की सुविधा उपलब्ध है। तंबाकू से दूरी ही एकमात्र उपाय है जिससे मुंह व गले के कैंसर से बचा जा सकता है। -डॉ. अमृत राय, वरिष्ठ दंत रोग विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेज।
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10 लाख रुपये का रोजाना कारोबार, 15 साल तक के किशोर भी शिकार
जिले में तंबाकू उत्पादों का रोजाना का कारोबार आठ से दस लाख रुपये तक पहुंच गया है। पान मसाला, गुटखा, बीड़ी, सिगरेट की बिक्री में किशोरों की बड़ी हिस्सेदारी है। कई महिलाएं भी मंजन और अन्य उत्पादों के ज़रिये इसकी शिकार बन रही हैं। जिले के सैकड़ों स्कूलों के आसपास खुलेआम तंबाकू उत्पाद बिक रहे हैं, लेकिन मद्यनिषेध विभाग की ओर से अब तक किसी दुकान संचालक को नोटिस नहीं दिया गया है।
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हर महीने सामने आ रहे 25-30 प्री-कैंसर केस
दंत एवं मुख रोग विशेषज्ञ डॉ. दमनजीत कौर ने बताया कि जिले में हर महीने 25 से 30 मरीज प्री-कैंसर की स्थिति में सामने आ रहे हैं। यदि समय रहते उपचार न हो तो ये मरीज पूर्ण रूप से कैंसर के शिकार हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि तंबाकू शरीर के लगभग हर अंग को नुकसान पहुंचाता है और यह असमय मृत्यु का एक बड़ा कारण बन चुका है।
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