एशिया के विशालतम जलाशयों में एक रिहंद डैम और ओबरा डैम जल्द ही पानी के साथ ही, सौर ऊर्जा से भी विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाता नजर आएगा। रिहंद जल विद्युतगृह पर पांच सौ, ओबरा जल विद्युतगृह पर 25 मेगावाट के सौर ऊर्जा विद्युतगृह की स्थापना की जाएगी। कार्य जल्द मूर्तरूप ले, इसके लिए जल विद्युत निगम प्रबंधन ने फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने का ठेका प्राइस वाटर कूपर हाउस को दे दिया है। शनिवार को इसकी एक टीम ने दौरा कर रिहंद और ओबरा पनबिजलीघर का जायजा भी लिया और स्थितियां पूरी तरह से मुफीद बताईं।
रिहंद डैम पर तीन सौ मेगावाट और ओबरा डैम पर 99 मेगावाट का जल विद्युतगृह स्थापित है लेकिन इसका पूरा उपयोग बरसात के समय में ही हो पाता है। इस जगह का पूरे साल उपयोग हो, इसके लिए जल विद्युतनिगम प्रबंधन ने दोनों जगहों पर सोलर पावर प्लांट स्थापित करने की योजना बनाई है। उधर, जल विद्युत गृह रिहंद के अधीक्षण अभियंता शैलेष सिंह ने भी इसकी पुष्टि की। कहा कि प्राइस वाटर कूपर हाउस नामक कंपनी इसकी फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार कर रही है। उसकी टीम ने पहले दौरे में ही सकारात्मक संकेत दिए हैं। उम्मीद है कि जल्द पहल को मूर्तरूप देने का काम शुरू कर दिया जाएगा।