दुद्धी। रेेेणुकूट वन प्रभाग में हरे पेड़ों को काटकर वन भूमि कब्जा करने का सिलसिला थम नहीं रहा है। हाल में ही ग्रामीणों ने विंढमगंज वन रेंज के करहिया के बासीन टोले में सैकड़ों हरे पेड़ काटकर करीब 20 बीघा से अधिक जमीन की जोताई कर उसमें बोआई कर दी। इससे सरकार के जगहों को हरा-भरा रखने के अभियान को झटका लग रहा है।
बताया जा रहा है कि विंढमगंज रेंज के करहिया बीट में घोड़ दाहा नाले के आस पास दो माह के भीतर सैकड़ों साखू आसन, सीधा, ख़ैर के पेड़ काट लिये गए। इतना ही नहीं पेड़ का कोई नामोनिशान न बचे इसके लिए ग्रामीणों ने ठूंठों को जमीन से खुदाई कर निकाल लिया। कई पेड़ों के ठूंठ जला दिये गए ताकि कोई प्रमाण ही न रहे कि यहां कभी पेड़ भी रहे। लोगों का कहना है कि बार बार वन विभाग के उच्चाधिकारी क्षेत्र का दौरा करने आते हैं और मुआयना कर चले जाते हैं। लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं करते जिससे विंढमगंज रेंज में पेड़ की कटान, वन भूमि से अवैध कब्जा रुक नहीं रहा। उधर रेणुकूट वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि दोनों प्रकरण संज्ञान में आया है। उप प्रभागीय अधिकारी को मौके पर भेजा गया है। कोई भी हो कब्जा खाली कराया जाएगा तथा पेड़ काटने वालों को चिह्नित कर मुकदमा पंजीकृत कराया जायेगा।