बारिश और हवा तेज होने की वजह से घर के सारे सदस्य पास में बने सार्वजनिक शौचालय भवन में भागकर चले गए। नहीं तो किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता था। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि घरेलू विवाद की वजह से पहली किस्त पास होने के बावजूद राजेंद्र मकान का निर्माण नहीं करा सका। वर्तमान में काशीराम शहरी आवास योजना के खाली कमरों में अस्थाई रूप से रहने की व्यवस्था करा दी गई है। जब तक उनका प्रधानमंत्री आवास बन नहीं जाता।