वैनी(ब्यूरो)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार की शाम नसबंदी कैंप में महिलाओं को बेहोश करने के बाद उनका आपरेशन नहीं किया गया। नसबंदी के लिए आए डॉक्टरों ने मरीजों के तीमारदारों से रुपये की डिमांड की। फिर कई मरीजों को परिसर से बाहर कर दिया। तीमारदार किसी तरह महिलाओं को लेकर पास के गांव में एक रिश्तेदारों के यहां पहुंचे। सीएमओ ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी, वहीं सीएचसी अधीक्षक ने मामले की जानकारी से इनकार किया है।
शुक्रवार को सीएचसी वैनी में नसबंदी कैंप में 23 महिलाओं का पंजीकरण हुआ था। आपरेशन के लिए आए डॉक्टरों के कहने पर स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने महिलाओं को बेहोशी का इंजेक्शन दे देकर परिसर में ही लेटा दिया। तीमारदारों का आरोप है कि जब महिलाएं बेहोश होने लगीं तो कर्मियों ने प्रति नसबंदी दो हजार रुपये की डिमांड की।
इस पर ज्यादातर महिलाओं के तीमारदारों ने रुपये देने में असमर्थता जताई तो उन्हें परिसर से बाहर कर दिया गया। यहां सिर्फ छह महिलाओं की ही नसबंदी की गई। बरहमोरी से आई हीरावती पत्नी अशोक, चकरिया की अनीता पत्नी विनोद किसी तरह पौनी स्थित अपने रिश्तेदार के यहां गईं।
पनिकप कला की महिलाओं के साथ आए बेचू चेरो, भोला, शंकर चेरो, नारदमुनि कुशवाहा, रामनिहोर ने डाक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कहा कि गरीबी से परिवार के लोगों का पेट चलाना मुश्किल है, फिर आपरेशन के लिए पैसा कहा दिया जाएगा।
सीएचसी अधीक्षक डा. एसके वर्मा ने कहा कि नसबंदी मुफ्त होती है। मांगने की शिकायत उनके संज्ञान में नहीं है। शिकायत मिली तो जांच कराई जाएगी।
उधर सीएमओ डा. कृष्ण गोपाल सिंह ने कहा कि नसबंदी कोई कराना नहीं चाहता, लोगों को मोटीवेट कराकर लाया जाता है। फिर रुपये मांगने की शिकायत गलत होगी। आपरेशन न करने की कोई दूूसरी वजह होगी। फिर भी मामले की जांच कराई जाएगी।