म्योरपुर। पूरे देश में दशहरा के दिन बुराई के प्रतीक रावण का पुतला दहन किया जाता है, वहीं सोनभद्र के आदिवासी इलाकों में रावण और महिषासुर की पूजा की जाती है। आदिवासी रावण को अपना पूर्वज मानते हैं। विविध अनुष्ठान के साथ रावण की पूजा करते हैं। मुख्य आयोजन जामपानी में बड़ा देव स्थल पर होगा।
सोनभद्र के बभरी और म्योरपुर ब्लॉक के 10 गांवों में आदिवासी समुदाय रावण और महिषासुर को अपना पूर्वज मानकर दशहरा के दिन इनकी पूजा करता है। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी और गोंडवाना स्टूडेंट यूनियन की ओर से बृहस्पतिवार को पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। मुख्य कार्यक्रम जामपानी गांव में बड़ा देव स्थल पर होगा।
यूनियन के जयमंगल सिंह ने कहा कि आस्था और परंपरा के साथ महिषासुर और रावण महाराज की पूजा की जाएगी। इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई है। उन्होंने बताया कि हर गांव में बड़ादेव स्थल पर पूजा कर सभी दोपहर बाद जामपानी गांव में इकट्ठा होंगे, जहां सामूहिक रूप से पूजा का कार्यक्रम आयोजित किया गया है।