सोनभद्र। परिषदीय प्राथमिक या उच्च प्राथमिक विद्यालयों में तैनात प्रधानाध्यापकों एवं प्रभारी प्रधानाध्यापक में नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए हर ब्लाक से एक-एक शिक्षक को गैर प्रांतों का दौरा कराया जाएगा। जिन शिक्षकों को दौरा कराया जाना है उनका चयन भी शुरू हो गया है। 15 जनवरी तक सभी ब्लाकों से चयनित प्रधानाध्यापक या प्रभारी की सूची स्कूल शिक्षा के महानिदेशक विजय किरण आनंद को भेजना भी है। गैर प्रांतों में दौरे से जब शिक्षक वापस आएंगे तो जनपद के अन्य शिक्षकों से वहां का अनुभव साझा करेंगे। इससे उसी के अनुसार सरकारी स्कूलों में पढ़ाई करायी जाएगी और गुणवत्ता में सुधार होगा।
सात जनवरी को राज्य परियोजना निदेशक एवं महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरण आनंद ने सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में पत्र भेजा है। उसमें गैर प्रांतों में एक्सपोजर विजिट, नेतृत्व क्षमता विकास के लिए शिक्षकों के चयन करने के लिए कहा है। चयन का आधार क्या होगा इस बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है। उसी आधार पर जिले के बीएसए ने दसों ब्लाकों के खंड शिक्षा अधिकारियों से ऐसे शिक्षकों के चयन की कार्यवाही के लिए कहा है।
उत्कृष्ट प्रधानाध्यापक या प्रभारी किए जाएंगे चयनित
उत्कृष्ट प्रधानाध्यापक या प्रभारी का चयन किया जाएगा। इसमें ऐसे शिक्षक होंगे जो कम से कम तीन वर्ष का कार्यकाल पूर्ण कर लिए हों। इसके साथ ही उच्च प्राथमिक विद्यालय में कम से कम 80 और प्राथमिक विद्यालय में100 का नामांकन होना अनिवार्य है, पिछले तीन शैक्षिक सत्रों में नामांकन में निरंतर वृद्घि हुई हो, वर्ष 2018-19 व 2019-20 में बच्चों की भौतिक उपस्थिति 70 प्रतिशत से अधिक हो। प्रधानाध्यापक या प्रभारी प्रधानाध्यापक के रूप में दो वर्ष का अनुभव होना जरूरी है।
बच्चों और शिक्षकों दोनों को लाभ
नेतृत्व क्षमता विकास व एक्सपोजर विजिट से शिक्षकों को तो लाभ होगा ही बल्कि बच्चों का भी अधिगम स्तर सुधरेगा। शिक्षा विभाग के अधिकारी बताते हैं कि जिन शिक्षकों का चयन होगा उनसे प्रेरणा लेकर अन्य शिक्षक भी बेहतर करने की कोशिश करेंगे। साथ ही जब शिक्षकों की वापसी होगी और जिले के स्कूलों में उसी अनुसार पढ़ाई होगी तो निश्चित ही शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
नेतृत्व क्षमता विकास के लिए उठाए गए इस कदम से प्रधानाध्यापकों का उत्साह बढ़ेगा। साथ ही आने वाले दिनों परिषदीय स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में और सुधार होगा।
- डा. गोरखनाथ पटेल, बीएसए-सोनभद्र।