राबर्ट्सगंज के सोभनाथ महादेव मंदिर में सावन के पहले सोमवार को पूजन-अर्चन करतीं महिलाएं।
सावन के पहले सोमवार को सोनंचल बोल बम के नारों से गूंज उठा। शिवालयों में कांवरियों के साथ ही बड़ी संख्या श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। शिवद्वार मंदिर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। मंदिर परिसर में एसडीएम, एएसपी और सीओ कैंप कर सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाल हुए थे। कतारबद्ध होकर कांवरियों ने पूजन-अर्चन किया।
झमाझम बारिश के बीच झूमते, गाते कांवरिये जलाभिषेक के लिए विजयगढ़ दुर्ग स्थित रामसरोवर से जल लेकर शिवद्वार रवाना हुए। रास्ते में कांवरियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसको लेकर प्रशासनिक और पुलिस के अधिकारी भ्रमण करते रहे। सदर तहसील के इलाके में एसडीम कैलाश सिंह, सीओ सच्चिदानंद और कोतवाल अबरार अहमद अलग-अलग भ्रमण कर कांवरियों की यातायात सुरक्षा व्यवस्था में तैनात फोर्स की जांच करते रहे। राबर्ट्सगंज नगर में स्थित वीरेश्वर महादेव मंदिर, शोभनाथ मंदिर, रौप गांव के पंचमुखी मंदिर, बरैला गांव में स्थित भोलेनाथ मंदिर और गौरीशंकर गांव के शिव मंदिर में भक्तों का रेला उमड़ पड़ा। वैदिक मंत्रोचार के साथ विद्वानों ने श्रद्धालुओं से शिवलिंग का पूजन-अर्चन करवाया।
घोरावल रविवार की शाम छह बजे से शिवद्वार मंदिर परिसर में विजयगढ़ दुर्ग स्थित रामसरोवर और मिर्जापुर जिले के बैरिया घाट गंगा नदी और चुनार स्थित गंगा नदी से कांवरिया पहुंचने लगे थे। जिन स्थानों पर कांवरिया रुकेे हुए थे वहां भी पुलिस भ्रमण कर उनकी सुविधाओं के बारे में पता लगाती रही। रात 12 बजे के बाद उमा-माहेश्वर का पट खुला तो कांवरिया और श्रद्धालुओं ने पूजन-अर्चन शुरू किया। घोरावल कस्बे में स्थित मुक्खाफाल मोड़ से शिवद्धार के बीच लगे नौ बैरियरों पर सुरक्षा व्यवस्था तगड़ी रही। यहां तैनात फोर्स ने भारी वाहनों को शिवद्वार की ओर जाने से रोक दिया। ताकि कांवरियों और श्रद्धालुओं को पूजन-अर्चन करने में मुश्किलों का सामना न करना पड़े। चोपन में शिवालयों पर भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा। आसपास के इलाकों में स्थित शिवालयों पर पूजन-अर्चन किया।