उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के निर्देश पर चकबंदी लेखपाल, सामान्य चयन परीक्षा रविवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हो गई। जिले के 35 केंद्रों पर परीक्षा हुई।
नकल विहीन परीक्षा के लिए 35 स्टैटिक मजिस्ट्रेट और 17 सेक्टर मजिस्ट्रेट बनाए गए थे। सुबह 11 बजे से दोपहर बाद एक बजे तक परीक्षा हुई। कुल 16704 में से 8721 परीक्षार्थी उपस्थित रहे।
रविवार को सुबह से ही परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। दस बजते-बजते परीक्षार्थी अपने-अपने केंद्रों पर पहुंच गए थे। परीक्षा केंद्रों पर 17 वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती की गई थी।
परीक्षा के दौरान अधिकारियों ने केंद्रों का निरीक्षण किया। डीएम जीएस प्रियदर्शी, सीडीओ रामचंद्र, एडीएम रामचंद्र, एसपी आरएल वर्मा ने कई केंद्रों का निरीक्षण कर नकल विहीन परीक्षा की स्थिति का हाल जाना।
राबर्ट्सगंज में राजकीय कन्या इंटर कालेज, विमला इंटर कालेज, राजा शारदा महेश इंटर कालेज, विंध्य कन्या महाविद्यालय को परीक्षा केंद्र बनाया गया था।
करमा प्रतिनिधि के अनुसार यहां परीक्षा केंद्र मोती सिंह इंटर कालेज में कुल पांच सौ परीक्षार्थियों को परीक्षा देनी थी लेकिन इसमें से 248 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।
चोपन प्रतिनिधि के अनुसार रेल कर्मचारी इंटर कालेज चोपन में कुल पांच सौ परीक्षार्थी थे जिनमें से 226 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा को सफल बनाने के लिए तहसीलदार दुद्धी जितेंद्र सिंह, दुद्धी बीडीओ प्रभात कुमार द्विवेदी, म्योरपुर बीडीओ आशाराम पटेल, दुद्धी एसडीएम डा. विश्राम यादव,
घोरावल बीडीओ अश्वनी कुमार सोनकर, तहसीलदार घोरावल दिनेश कुमार मिश्र, घोरावल का डीडीओ एसके श्रीवास्तव, घोरावल एसडीएम कैलाश सिंह, जिला कृषि अधिकारी राजीव कुमार भारती, उप निदेशक कृषि जगदीश कुमार भट्ट, डीसी मनरेगा देवनंदन दुबे, सहायक अभिलेख अधिकारी प्रेम प्रकाश अंजोर, भूमि
संरक्षण अधिकारी चोपन एपी यादव, बीएसए मनभरन राम राजभर, राबर्ट्सगंज बीडीओ हरिश्चंद्र प्रजापति, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. एके श्रीवास्तव, तहसीलदार राबर्ट्सगंज योगेंद्र सिंह को सेक्टर मजिस्ट्रेट बनाया गया था।
अपर जिलाधिकारी रामचंद्र ने बताया कि परीक्षा में कुल 16704 परीक्षार्थियों को बैठना था। इसमें से 8721 परीक्षार्थी उपस्थित रहे जबकि 7983 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिस के जवान तैनात किए गए थे। क्षेत्राधिकारी लगातार सर्किलवार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर रहे थे।