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गुरुजनों ने दूध बांटने के खिलाफ खोला मोर्चा

Wed, 09 Sep 2015 11:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, सोनभद्र
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 उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ से जुड़े शिक्षकों ने परिषदीय विद्यालयों में बुधवार के दिन दूध वितरण का बहिष्कार करने का ऐलान कर दिया है। दूध वितरण के बदले मिलने वाली राशि कम होने पर नाराजगी जाहिर की है। बुधवार को शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय में सौंपा और चेताया कि उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया तो 23 सितंबर से पूरे प्रदेश में दूध वितरण का बहिष्कार कर दिया जाएगा।
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जिलाध्यक्ष रविभूषण सिंह की अगुवाई में बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर शिक्षकों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश के बेसिक विद्यालयों के शिक्षकों को मध्याह्न भोजन प्राधिकरण हर बुधवार को विद्यालय के बच्चों को दो सौ मिली लीटी प्रति छात्र दूध व कोफ्ता चावल वितरित करने का निर्देश दिया है। कोफ्ता और दूध की लागत न्यूनतम 19 रुपये का आ रहा है जबकि सरकार क्रमश: तीन रुपये 77 पैसे और पांच रुपये 64 पैसे ही उपलब्ध करा रही है। ऐसी स्थिति में दूध उपलब्ध करा पाने की स्थिति में शिक्षक नहीं है। साथ ही धनराशि के साथ-साथ गुणवत्तायुक्त दूध भी सरकार द्वारा ही उपलब्ध कराया जाए, क्योंकि गुणवत्ता जांचने का साधन शिक्षक के पास नहीं है। धनराशि के अभाव में गुणवत्ता युक्त दूध की उपलब्धता इस पिछड़े जिले में कठिन ही नहीं असंभव है। आरोप लगाया कि दूध न वितरित करने पर शिक्षकों को प्रताड़ित किया जा रहा है। शिक्षकों ने डीएम कार्यालय में पत्र देकर मांग किया कि दूध का वितरण सहित पूरे मध्याह्न भोजन व्यवस्था सहित गैर शैक्षणिक कार्यों से शिक्षकों को अलग किया जाए। यदि ऐसा नहीं किया गया तो शिक्षक पूरे प्रदेश में 23 सितंबर से दूध वितरण का बहिष्कार करेंगे। ज्ञापन सौंपने वालों में धीरेंद्र पति तिवारी, शिव कुमार पांडेय, कमलेश सिंह, अर्जुन सिंह, अजय यादव, सुनील वर्मा, संजय, कमला प्रसाद, छेमेंद्र द्विवेदी, संतोष कुमार, उदित नारायण शामिल रहे। 
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