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आजीवन बुराइयों से लड़े गुरु गोविंद सिंह

Sun, 28 Dec 2014 11:26 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला, सोनभद्र
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रविवार को जिले के विभिन्न गुरुद्वारों में गुरु गोविंद सिंह की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान आयोजित कार्यक्रम में सिख संप्रदाय के बच्चे, युवक-युवतियों, महिला-पुरुष पारंपरिक वेश-भूषा में शामिल हुए और इसके जरिए अपनी धार्मिक, लोक संस्कृति एवं कला से लोगों को रू-ब-रू कराया। ग्रंथी तरसेन सिंह ने गुरु ग्रंथ साहिब का पाठ किया।
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अनपरा संवाददाता के मुताबिक कानपुर से आए भूपेंद्र सिंह शबद-कीर्तन प्रस्तुत किया। सेंट्रल गुरुद्वारा कमेटी सिंगरौली के सचिव हरजीत सिंह ने गुरु गोविंद सिंह के जीवन पर प्रकाश डाला।

गुरु गोविंद की प्रसिद्ध उक्ति सवा लाख से एक लड़ाऊं ता गोविंद सिंह नाम कहाऊं का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने अपना सारा जीवन धर्म और पंथ की रक्षा के साथ बुराइयों से लड़ने में लगा दिया।
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 बताया कि तीन दिन से चल रहे पाठ के साथ लंगर का भी आयोजन किया गया। रविवार को गुरु के दरबार में बीना परियोजना के महाप्रबधंक एमके प्रसाद, स्टाफ अधिकारी (कार्मिक) पीपी सिंह एवं उपमहाप्रबंधक (खान) एसपी सिंह ने भी अन्य लोगों के साथ मत्था टेका और लंगर में प्रसाद ग्रहण किया।

इस दौरान अजीत सिंह कंग, अमरीत सिंह, मलकीत सिंह, बुधेश्वर सिंह, महेंद्र सिंह, निर्मल सिंह आदि मौजूद रहे। चोपन संवाददाता के मुताबिक गुरुद्वारा सिंह सभा में गुरु गोविंद सिंह का 348वां प्रकाशोत्सव धूमधाम से मनाया गया।

मुगलसराय से आए रागी जत्था भाई अमर सिंह ने शबद कीर्तन प्रस्तुत किया। इस दौरान आयोजक अजीत सिंह गुरदीप सिंह, सतनाम सिंह, इकबाल सिंह, त्रिलोचन चड्ढा, वीरा सिंह, जितेंद्र, आदि मौजूद रहे।

 इस दौरान गुरु का अटूट लंगर देर तक चलता रहा। भाई सुरेंद्र सिंह और दया सिंह ने शबद कीर्तन का पाठ किया। अध्यक्ष सरदार जसवीर सिंह ने गुरु गोविंद की जीवनी पर प्रकाश डाला।
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इस मौके पर रंजीत सिंह, गुरविंदर सिंह, अजीत सिंह, दया सिंह, जसपाल सिंह, रविंदर सिंह, मनजीत सिंह, मनमीत सिंह, सुरेंद्र आदि रहे।
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