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सोनभद्र में सरकारी आदेश को ठेंगा : नोटिस के बाद भी नहीं अस्पतालों ने नहीं ली फायर NOC, निरीक्षण में खुली पोल

Wed, 20 Nov 2024 09:28 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र।

सार

Sonbhadra News : मुख्य अग्निशमन सुरक्षा ने सोनभद्र के कईअस्पतालों में निरीक्षण किया। अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई। सबसे खराब स्थित रॉबर्ट्सगंज स्थित प्रसवोत्तर केंद्र की थी।
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अस्पताल के कर्मचारियों से बातचीत करते मुख्य सुरक्षा अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली, झांसी सहित कई शहरों के अस्पतालों में हुए भीषण अग्निकांड के बाद भी जिले में स्वास्थ्य विभाग के लोगों की तंद्रा नहीं टूटी है। अग्निसुरक्षा को लेकर वह बेफिक्र हैं। बुधवार को अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के निरीक्षण में इसकी पोल खुली।

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हाल यह था कि जिन अस्पतालों को पांच माह पहले जांच में मानक पूरा करने के लिए नोटिस दिया गया, वहां अब भी व्यवस्था जस की तस मिली। फायर सुरक्षा के नाम पर कोई इंतजाम नहीं किया गया था।
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मुख्य अग्निशमन सुरक्षा अधिकारी श्रीराम साहनी, अग्निशमन अधिकारी करन यादव की टीम ने बुधवार को मेडिकल कॉलेज से संबंद्ध जिला अस्पताल, एल-2 अस्पताल, एमसीएच विंग, ब्लड बैंक, पीएचसी और रॉबर्ट्सगंज के प्रसवोत्तर केंद्र का निरीक्षण किया। 

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मुख्य सुरक्षा अधिकारी ने जताई नाराजगी
जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था सिर्फ 28 अग्निशमन यंत्रों के भरोसे थी। कई जरुरी स्थानों पर भी कोई अग्निशमन यंत्र नहीं था। एल-2 अस्पताल में अग्नि सुरक्षा के लिए पाइप सिस्टम लगा था, लेकिन अभी एनओसी जारी नहीं हुई थी। सिर्फ 100 बेड के एमसीएच विंग के पास ही अग्निशमन की एनओसी पाई गई।

सबसे खराब स्थित रॉबर्ट्सगंज स्थित प्रसवोत्तर केंद्र की थी। करीब साल भर पहले इसी केंद्र के सामने स्वास्थ्य विभाग के गोदाम में भीषण आग लगी थी। आसपास अन्य इकाइयों में भी शार्ट-सर्किट से आग लगने की घटनाएं हुई हैं। बावजूद यहां एक भी अग्निशमन यंत्र नहीं मिला।

टीम ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई। गौर फरमाने वाली यह रही कि जिला अस्पताल, एल-2 और प्रसवोत्तर केंद्र का अग्निशमन अधिकारियों ने इसी साल जून में फायर ऑडिट की थी। इस दौरान मिली खामियों पर जिम्मेदारों को नोटिस जारी करते हुए जरूरी सुविधाएं पूरी कराते हुए एनओसी लेने को कहा था। बावजूद पांच माह बाद भी किसी ने न कमियां सुधारी और न ही एनओसी लेने की जरूरत समझी।

मुख्य सुरक्षा अधिकारी ने इस पर नाराजगी जताते हुए शीघ्र एनओसी लेने के लिए कहा। विभाग की ओर से संबंधितों को नोटिस भी जारी की जा रही है। निरीक्षण के दौरान मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसके सिंह, सीएमएस डॉ. बी. सागर, डिप्टी सीएमओ डॉ. कीर्ति आजाद आदि मौजूद रहे।
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