उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के आह्वान पर शुक्रवार को वकीलों ने राबर्ट्सगंज कचहरी परिसर में शांतिपूर्ण ढंग से विरोध दिवस मनाया।
इस दौरान वकीलों ने प्रदेश सरकार पर छलावा करने का आरोप लगाते हुए आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। वकीलों के न्यायिक कार्य से विरत रहने की वजह से न्यायालय का कामकाज प्रभावित रहा।
जिससे दूर दराज के क्षेत्रों से आए वादकारियों को परेशान होना पड़ा। सोनभद्र बार एसोसिएशन अध्यक्ष ओम प्रकाश पाठक ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अधिवक्ताओं का पांच लाख रुपये का बीमा और नये अधिवक्ताओं के लिए
स्टाइपेंड योजना लागू करने का आश्वासन दिया था। किंतु एक साल से भी अधिक का समय बीत गया और वकीलों को कुछ भी हासिल नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि यूपी बार काउंसिल अध्यक्ष अब्दुल रज्जाक खां की ओर से मिले निर्देश पत्र के अनुपालन में शांतिपूर्ण ढंग से विरोध दिवस मनाकर आंदोलन की शुरूआत की गई है।
27 फरवरी को जिला स्तर पर डीएम और तहसील स्तर पर एसडीएम को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन देकर न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे।
इसके अलावा तीन मार्च को धरना-प्रदर्शन कर न्यायिक कार्य से विरत रहकर उत्तर प्रदेश सरकार का पुतला दहन किया जाएगा। इसके बाद भी अगर मांगें नहीं मानी जाती हैं
, तो 23 मार्च को न्यायिक कार्य से विरत रहकर विधानसभा का घेराव किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर वकील जा सकते हैं।
इस मौके पर अंशुमान सिंह, ओपी तिवारी, ओपी राय, अतुल पटेल, डीके मौर्या, जीएस राय, रामसागर शर्मा, महेंद्र शुक्ला, पीएन पांडेय, राजीव गौतम, यतींद्र देव, पीए खान आदि रहे।