रामगढ़। सदर तहसील क्षेत्र के कबरी गांव स्थित पंडित विद्याधर इंटर कालेज के प्रांगण में चल रहे पांच दिवसीय श्रीराम कथा ज्ञान यज्ञ के अंतिम दिन मुरारी जी शास्त्री ने कहस कि भक्ति में अहंकार सबसे बड़ी बाधा है। मनुष्य कितना भी बड़ा भक्त क्यों न हो जाए, लेकिन यदि उसके हृदय से अहंकार नहीं गया तो एक दिन वह विनाश का कारण बनेगा।
प्रवचन करने वाली सुनीता पांडेय ने प्रेम की भाषा को ईश्वरीय बताते हुए कहा कि प्रेम में ईश्वर का वास होता है। धनुष यज्ञ में जब प्रभु राम ने सीता जी को देखा और सीता जी ने राम को देखा दोनों के हृदय में अपार प्रेम का उद्भव हुआ। मनुष्य को प्रेम की भाषा सिखनी चाहिए। अध्यक्ष नंदगोपाल पांडेय, सुरेश तिवारी, राकेश देव, अरविंद पांडेय, प्रभाकर देव, सच्चिदानंद, संजय देव, अखिलेश देव, सीताराम, प्रवीण कुमार, जितेंद्र आदि रहे। संचालक श्रवण कुमार पांडेय ने किया।