बीजपुर। एनटीपीसी रिहंद में जनजातीय उत्सव 2.0 का धूमधाम से आगाज हुआ। विकसित जनजाति, विकसित भारत” की थीम पर आयोजित कार्यक्रम में आदिवासी संस्कृति व लोक कलाओं की मोहक प्रस्तुति दी गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि परियोजना प्रमुख पंकज मेदीरत्ता, विशिष्ट अतिथि सेवा समर्पण संस्थान के संगठन मंत्री आनंद जी के साथ दीप जलाकर किया। मुख्य अतिथि ने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जनजातीय संस्कृति की कला, रीति-रिवाज व परंपराओं का संरक्षण, संवर्धन और उत्थान करना है। नैगम सामाजिक दायित्व के अंतर्गत लोक एवं जनजाति कला एवं संस्कृति संस्थान, उत्तर प्रदेश और सेवा समर्पण संस्थान, चपकी के सहयोग से यह आयोजन किया जा रहा है। उत्सव 2.0 में राजस्थानी एवं बिहारी व्यंजनों का स्वाद मेले में भ्रमण करने वाले दर्शकों ने चखा। विभिन्न जनजाति खाद्य एवं महुआ लड्डू, लोह व ढोक्करा शिल्प, लकड़ी व सुपाड़ी खिलौने, आदिवासी जेवर, बांस शिल्प, कान्था, जामदानी कढ़ाई, तीर- धनुष तुंबा शिल्प, मूंज से बनाई गई सुंदर कलाकृतियाें के स्टाल पर लोगों की भीड़ देखी गई। कथक, कश्मीरी लोक नृत्य-रौफ़ और पंचनगमा, गुजरात का जनजातीय नृत्य सिद्धि धमाल आदि प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में में सीजीएम देबदत्ता सिन्हा, जीएम संजय असाटी, एसके श्रीवास्तव, राजेश नारायण सिन्हा, एसएस प्रधान, एजीएम जाकिर खान, सीएमओ रिहंद डॉ. मोनिषा कुलश्रेष्ठा आदि मौजूद रहे।