कोन। वर्षों से निर्माणाधीन चाची पुल के पिलर पर चढ़ाये गए चार गाटर अचानक एक के बाद एक गिरने से काम कर रहे श्रमिकों मे दहशत है। इसको देखते हुए वहां काम करा रहे कंपनी के प्रभारी असिस्टेंट प्रोजेक्ट मैनेजर हीरु गुर्जर ने फिलहाल काम बंद करा दिया है। गुर्जर का कहना है कि गाटर कैसे गिरा इसकी टेक्निकल जांच कराने के बाद ही काम शुरू कराया जाएगा।
पिछले तीन वर्षों से नक्सल क्षेत्र के विकास के लिए चांची- मझिगवां में सोन नदी पर पुल का निर्माण कराया जा रहा है। उसे चांची से रानीडीह को जोड़ने की योजना है। इसके सभी पिलर बन कर तैयार हैं सिर्फ गाटर डालकर स्लैब डालने का ही काम शेष रह गया है। पिलरों पर गाटर डालने का काम चल ही रहा था कि बुधवार को एक पिलर से दूसरे पिलर पर क्रेन से गाटर चढ़ाए जा रहे थे। इस दौरान बुधवार को एक-एक कर चार गाटर गिर गए। इससे मजदूरों में दहशत व्याप्त हो गया। गाटर गिरते ही हरकत मे आए कंपनी के लोगों ने उसे मौके से हटवा दिया। साथ ही मलवे को कुछ सड़क में तो कुछ सोन नदी में डाल दिया गया। इस संबंध मे पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा धर्मवीर तिवारी ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने का मांग की है। उन्होंने कहा कि इस पुल नक्सल गांव के विकास के लिए करीब 141 करोड़ की लागत से पीडब्ल्यूडी से बनवाया जा रहा है।