अपर सत्र न्यायाधीश रेप एंड पॉक्सो सुनील सिंह की अदालत ने शुक्रवार को गैंगेस्टर एक्ट के मामले में सुदामा को दोषसिद्ध पाकर तीन साल की कैद एवं पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई हैं। वहीं अर्थदंड न देने पर दो माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक शक्तिनगर थाने में वर्ष 1989 में पुलिस ने शक्तिनगर थाना क्षेत्र के राजा परसवार निवासी सुदामा के विरुद्ध गैंगेस्टर एक्ट में एफआईआर दर्ज किया। मामले की विवेचना के बाद पर्याप्त सबूत पाए जाने पर विवेचक ने न्यायालय में 16 नवम्बर 1994 को आरोप पत्र दाखिल किया। आरोप है कि सुदामा गिरोह का गैंग लीडर है। इसके भय की वजह से कोई भी गवाही इसके विरुद्ध देने की हिम्मत नहीं जुटा पाता। चोरी, लूट, डकैती समेत कई मुकदमें सुदामा एवं उसके गैंग के विरुद्ध चल रहे हैं। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने के बाद पर्याप्त सबूत पाए जाने पर सुदामा को दोषी पाकर तीन साल की कैद एवं पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं अर्थदंड न देने पर दो माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से अभियोजन अधिकारी विजय प्रकाश यादव ने बहस की।