जिले में बुधवार को पारा 5.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसकी वजह से अचानक गलन में इजाफा हो गया। शाम होते ही लोग गलन से बचाव के लिए घरों में दुबक गए और रूम हिटर, अलाव का सहारा लिया। जहां अलाव का समुचित प्रबंध नहीं रहा वे लोग रोज की अपेक्षा पहले ही अपने बिस्तर में समा गए। यह अब तक का सबसे न्यूनतम तापमान है। इसके पहले 11 दिसंबर 2016 को 5.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।
मंगलवार को यहां पर अधिकतम तापमान 21.8 रहा और न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं बुधवार को अचानक तापमान में परिवर्तन हो गया और अधिकतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस हो गया और न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। पारा लुढ़कने से शाम होने से पहले ही गलन में इजाफा हो गया। उधर, राबर्ट्सगंज नगर एवं शहरी क्षेत्रों चोपन, ओबरा, रेणुकूट, रामगढ़, शाहगंज, घोरावल, दुद्धी, विंढमगंज, बभनी, करमा आदि में अलाव का समुचित प्रबंध न होने की वजह से रिक्शावान, यात्री, वाहन चालक आदि को घोर परेशानी उठानी पड़ी।
तहसील प्रशासन और नगर पालिका एवं नगर पंचायत प्रशासन की ओर से अलाव का प्रबंध नहीं होने से यह परेशानी लोगों को हुई। लोगों ने जिला प्रशासन से अलाव जलवाए जाने की मांग की है। मौसम वैज्ञानिक राजन सिंह का कहना है कि मकर संक्रांति तक गलन इसी तरह रहने की प्रबल संभावना है। उन्होंने कहा कि सर्दी के मौसम में अक्तूबर 2016 से अब तक का सबसे कम तापमान बुधवार को 5.6 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके पहले 11 दिसंबर 2016 को 5.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।