कांचन गांव में 26 साल पहले हुए पट्टे में फर्जीवाड़े के आरोप में पुलिस ने तत्कालीन राजस्व निरीक्षक सहित चार के खिलाफ केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। मुकदमा दर्ज होने के बाद राजस्व महकमे में हड़कंप मच गया।
करीब एक माह पहले पट्टे में फर्जीवाड़े का मामला डीएम अभिषेक सिंह के संज्ञान में आया था। डीएम ने एसडीएम दुद्धी रमेश कुमार को मामले की जांच का निर्देश दिया था। एसडीएम ने राजस्व निरीक्षक रमेश कुमार, लेखपाल विनय कुमार, राघवेंद्र दत्त, अरुणोदय पांडेय की टीम गठित कर जांच कराई। जांच में पाया गया कि कांचन में 1996 में जिस चंद्रावती पुत्री तेजन के नाम पट्टा किया गया है वह इस गांव की रहने वाली ही नहीं है। इसके बाद पखवाड़े भर पहले एसडीएम के जरिए मामले की रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई। डीएम ने मामले में विभागीय कार्रवाई और एफआईआर का निर्देश दिया। रजिस्ट्रार कानूनगो आसाराम ने बताया कि इस क्रम में लेखपाल विनय कुमार की तरफ से म्योरपुर थाने में तत्कालीन राजस्व निरीक्षक कृपाशंकर, तत्कालीन लेखपाल राजेश कुमार मिश्र, भूमि प्रबंधन समिति की अध्यक्ष पवित्री देवी और कथित चंद्रावती देवी के नाम प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। एसडीएम दुद्धी रमेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच कराकर रिपोर्ट डीएम को भेजी गई थी। वहां से मिले निर्देश के बाद एफआईआर दर्ज कराई गई है। विभागीय स्तर पर भी जांच शुरू है। म्योरपुर थानाध्यक्ष अश्वनी कुमार त्रिपाठी ने बताया कि लेखपाल की तहरीर के आधार पर चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।